नई दिल्ली। गांधीजी कहते थे कि जिस तरह व्यक्ति अपनी पीठ नहीं देख सकता उसी तरह व्यक्ति को अपनी त्रुटियों को देखना बड़ा मुश्किल होता है। आप सभी वो दिग्गज हैं जो आईना लेकर सरकारी व्यवस्थाओं के सामने खड़े हो जाते हैं और कमियों और गलतियों को बताते हैं। ये बातें गुरुवार शाम को राजधानी में अकाउंटेंट्स जनरल के कॉनक्लेव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही।
उन्होंने कहा कि सिर्फ आंकड़ों और प्रक्रिया तक ही इस संगठन को सीमित नहीं रहना है, बल्कि वाकई में गुड गवर्नेंस के एक क्रिस्टल के रूप में आगे आना है। CAG को CAG Plus बनाने के सुझाव पर आप गंभीरता से अमल कर रहे हैं, ये खुशी की बात है। CAG की जिम्मेदारी इसलिए भी अधिक है क्योंकि आप देश और समाज के आर्थिक आचरण को पवित्र रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और इसलिए आपसे उम्मीदें भी अधिक रहती हैं।
JAM- जनधन, आधार और मोबाइल से सामान्य मानवी को योजनाओं का लाभ डायरेक्ट पहुंच रहा है। और GeM – गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से आज सरकार की सवा चार सौ से ज्यादा स्कीम का लाभ लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। इसके कारण करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं।
हमारा लक्ष्य है कि साल 2022 तक Evidence Based Policy-Making को गवर्नेंस का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। ये New India की नई पहचान बनाने में भी मदद करेगा। ऐसे में Audit और Assurance Sector के Transformation के लिए भी ये सही दौर है। अब CAG को भी CAG 2.0 की तरफ बढ़ना होगा।
बीते कुछ सालों में सरकारी विभागों में Fraud से निपटने के लिए अनेक प्रयास हुए हैं। अब CAG को ऐसे टेक्निकल टूल्स डवलप करने होंगे ताकि संस्थानों में Fraud के लिए कोई गुंजाइश न बचे। मुझे विश्वास है कि CAG देश की तमाम अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी और New India को Clean India बनाने में सशक्त करेगी।
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