लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर भ्रष्ट्राचार के खिलाफ अपना चाबुक चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो आईएएस अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है। इनमें एक आईएएस गुरुदीप सिंह और दूसरे राजीव शर्मा है। दोनों को प्रतीक्षारत कर दिया गया है। योगी सरकार अब तक 4 डीएम समेत 6 आईएएस निलंबित कर चुकी है ।
6 आईएएस और 14 आईपीएस हो चुके हैं निलम्बित
मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक के योगी सरकार के कार्यकाल में 6 आईएएस और 14 आईपीएस अधिकारियों को निलम्बित कर चुकी है। इनमें से 4 तो डीएम के पद पर तैनात थे ।
बतातें चलें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सरकार गठन के साथ ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि उनकी सरकार जीरो टालरेंस के तहत काम करेगी। मुख्यमंत्री योगी ने जितेंद्र बहादुर सिंह को डीएम गोंडा के पद पर रहते हुए जून 2018 में निलंबित किया गया था। उन पर जिले में सरकारी अनाज के बंदरबांट में हीलाहवाली करने के आरोप लगे थे।
कुमार प्रशांत, डीएम फतेहपुर पर गिर चुकी है गाज
इसी तरह कुमार प्रशांत को डीएम फतेहपुर रहते जून 2018 में निलंबित किया गया था। उन पर भी इसी तरह का आरोप लगा था। इसके बाद इसी साल उन्नाव के डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय को छह महीने पहले निलम्बित किया गया था। उन पर वित्तीय अनिमिताओं के कई आरोप लगे थे। यदि दूसरे आईएएस अधिकारियों खास तौर पर डीएम की बात करें तो महाराजगंज के डीएम अमरनाथ उपाध्याय को वित्तीय अनिमितताओं के चलते सस्पेंड किया जा चुका है।
14 आईपीएस अधिकारी हो चुके है सस्पेंड
इसी तरह पर्यटन विभाग के विशेष सचिव केदारनाथ सिंह तथा चकबंदी आयुक्त शारदा सिंह को भी भ्रष्ट्राचार के मामले में सस्पेंड किया जा चुका है।
इसी तरह मुख्यमंत्री योगी ने अबतक 14 आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड किया है। जिनमें जसवीर सिंह दिनेश चन्द्र दुबे, अरविंद सेन, वैभव कृष्णा, अपर्णा गुप्ता, अभिषेक दीक्षित, मानिकलाल पाटीदार, सुभाष चन्द्र दुबे, सतीश कुमार, एन कोलांची, अतुल शर्मा, आरएम भारद्वाज, संतोष कुमार सिंह, हिमांशु कुमार के नाम शामिल हैं।
इनमें से कई अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। यहां तक कि योगी सरकार ने इनमें से कईयों की संपत्ति की जांच के भी आदेश दिये हैं।
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