डेस्क। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बुधवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गयी। जिसने स्थानियो समेत कई पर्यटकों के जीवन को भी खतरे में डाल दिया है। बता दें बादल जिस इलाके में फटता है वहां भारी तबाही देखी जाती है। बादल फटने से जान और माल दोनों को बेहिसाब नुकसान पहुँचता है।
क्या आप जानते हैं कि क्या होता है बादल फटना और क्यों फटते हैं बादल? आज हम आपको इसी के बारे में बताएंगे।
आखिर क्या होता है बादल फटना?
बारिश के रौद्र स्वरूप को ही बादल का फटना कहते हैं। यह बारिश का सबसे विनाशकारी रूप होता है। बादल फटने के कारण एक जगह अचानक इतनी तेज बारिश होती है कि कुछ ही देर में बाढ़ आ जाती है। मौसम विभाग की माने तो एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या उससे भी ज्यादा तेज बारिश हो तो उसे बादल का फटना कहा जाता है। बरसात के दिनों में कभी किसी भी जगह एक से ज्यादा बादल भी फट जाते हैं और भीषण तबाही देखने को मिलती है। उत्तराखंड में 2013 को आई तबाही भी बादल के फटने के कारण ही देखने को मिली थी।
क्यों फट जाते हैं बादल, कारण?
बादल में नमी के रूप में पानी की बूंदें मौजूद होती हैं। जब इनका भार ज्यादा हो जाता है तो यहीं नमी बूंदे बनकर नीचे गिर जाती हैं। सामान्य रूप से ये बारिश होने का प्रोसेस है।
लेकिन बादल फटने की घटना तब होती है जब भारी मात्रा में नमी वाले बादल एक ही जगह पर जमा हो जाते है और ऐसे होने पर बादल में मौजूद नमी कई बूंद बनकर एक ही जगह जमा होने लगती है। और पानी की बूंदें इतनी भारी हो जाती है कि एक साथ भारी मात्रा में बरसात होने लगती है। इसे ही बदल का फटना कहा जाता है।
Leave a Reply