नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill)) पेश करेंगे। यह विधेयक लोकसभा के दैनिक कामकाज के तहत सूचीबद्ध है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस विधेयक को लेकर विपक्ष की ओर से विरोध के स्वर उठ रहे हैं।
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-कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस पार्टी अपने वर्तमान रूप में नागरिकता संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करती है, क्योंकि यह असंवैधानिक है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले बुधवार को इस विधेयक को मंजूरी दी थी। इस बावत पार्टी ने अपने सांसदों को 3 दिनों के लिए व्हिप जारी कर दिया है। अगर यह बिल कानून बन जाता है तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को CAB के तहत भारत की नागरिकता दी जाएगी।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक में भारत के हितों को ध्यान में रखा जाएगा। मुझे विश्वास है कि जब विधेयक के प्रावधानों की घोषणा होगी तो असम समेत पूर्वोत्तर और संपूर्ण भारत में इसका स्वागत किया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम जहां इनर लाइन परमिट (आईएलपी) की व्यवस्था लागू है उसे सीएबी के दायरे से बाहर रखा जाएगा, जिसको लेकर 2019 के आम चुनाव में इलाके में राजनीतिक विवाद पैदा हुआ।
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