China: चीन अक्सर पाकिस्तान के समर्थन में खड़ा रहा है। विश्व स्तर पर चीन और पाकिस्तान का प्रेम जगजाहिर है। वही अब एक बार पुनः पाकिस्तान के प्रति चीन का प्रेम उमड़ कर सामने आया है। क्योंकि चीन ने पाकिस्तान के आतंकी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रस्ताव में अपनी टांग अड़ा दी है।
जानकारी के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश ए मोहम्मद के एक आतंकी के खिलाफ प्रस्ताव लगाया था। यह प्रस्ताव अमेरिका और भारत की ओर से लाया गया था। यह दोनो देश चाहते हैं कि जैश ए मोहम्मद के आतंकी अब्दुल अजहर की वैश्विक यात्रा पर बैन लगा दिया जाए व उसकी सम्पति को फ्रिज कर दिया जाए।
सुरक्षा परिषद ऐसा तभी कर सकती है जब उसके 15 सदस्यों की इसके लिये सहमति हो। लेकिन अब चीन ने इसमे अड़ंगा लगा दिया है। चीन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कहा, हमें विमान हाईजैक हमले का अध्ययन करने के लिए अधिक समय की जरूरत है इसलिए हमने यह रोक लगाई है। समिति के दिशानिर्देश के माध्यम से इस प्रस्ताव को रोका जा सकता है और कई बार ऐसा हुआ भी है।
जानकारी के लिये बता दें अब्दुल अजहर साल 1994 में हुए आईसी 814 विमान हाईजैक में शामिल था। यह कुख्यात आतंकी मसूद अजहर का भाई है। मसूद अजहर अपनी दरिंदगी के लिये जाना जाता है। उसके मन मे दया जैसा कोई भाव नहीं है।
चीन की हरकत पर बरसा भारत:
भारत ने कहा यह सच मे दुख की बात है कि एक खतरनाक आतंकी को काली सूची में डालने के मद्दे को वास्तविक सबूत होने के बाद भी समर्थन किया जा रहा है और इसके प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। यह दोहरे मानदंड सुरक्षा परिषद की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह सुरक्षा परिषद का स्थान नीचे कर रहा है।
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