दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बिहार के महापर्व छठ को लेकर एक पत्र जारी किया है। सरकार के द्वारा जारी पत्र में यह कहा गया है कि दिल्ली में पब्लिक प्लेस पर छठ पूजा मनाने की छूट नहीं होगी। दिल्ली में दीपावली को कैसे मनाना है उसके नियम बनाने के बाद अब केजरीवाल सरकार ने हिन्दुओ के एक और त्यौहार पर नियम कानून बना दिए है।
केजरीवाल सरकार ने पहले दीपावली पर पटाखों को बैन किया और आदेश दिया की जो भी पटाखा फोड़ेगा उसपर 1 लाख रुपए का जुर्माना तो लगायेंगे ही साथ ही उसे 6 साल तक के लिए जेल में भी डाल दिया जायेगा। इसके बाद अब केजरीवाल सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए आज दिल्ली में आगामी छठ पूजा को बैन कर दिया।
केजरीवाल सरकार ने आदेश दिया है की दिल्ली में इस साल खुले में, नदियों में, मंदिरों में छठ पूजा नहीं मनाई जाएगी, अगर किसी ने नदियों, मंदिरों में छठ पूजा को मनाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी, उसपर जुर्माना भी लगाया जायेगा और जेल में भी डाल दिया जायेगा।
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सभी अधिकारीयों को लिखित आदेश दिया है की अधिकारी सुनिश्चित करेंगे की दिल्ली में इस साल कोई खुले में छठ पूजा नहीं मना सके। आपकी जानकारी के लिए बता दें की छठ पूजा खुले में मनाया जाने वाला ही त्यौहार है, इस त्यौहार में पहले शाम को पानी में खड़े होकर सूरज को अर्घ दिया जाता है उसने बाद उसके अगले सुबह सूरज के उगते ही पानी में खड़े होकर फिर अर्घ दिया जाता है।
छठ को नदियों के किनारे ही मनाने का रिवाज है, दिल्ली में यमुना नदी के किनारे बड़े पैमाने पर लोग छठ मनाते है पर इस बार केजरीवाल सरकार ने इसपर बैन लगा दिया है। इस से पहले दिल्ली में कोरोना काल में ही ईद और तमाम इस्लामिक त्यौहार मनाये गए पर केजरीवाल सरकार ने आदेश सिर्फ दीपावली और छठ को लेकर ही दिया है।
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