CBI प्रमुख- नोटबंदी की मदद से भ्रष्टाचार रोकने में मिली मदद

CBI प्रमुख- नोटबंदी की मदद से भ्रष्टाचार रोकने में मिली मदद

 

 

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के मुताबिक पिछले साल हुई सरकार की नोटबंदी की घोषणा से जांच एजेंसी के भ्रष्टाचार रोधी अभियान को बल मिला, साथ ही अवैध नकदी जमा रखने वाले अधिकारियों और लोगों का खुलासा किया गया. सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने आज यहां बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद जांच एजेंसी ने इसके बाद से हुए अवैध करेंसी के लेनदेन से जुड़े दर्ज किए गए 84 मामलों में 396 करोड़ रूपये के कथित संदिग्ध कोष का खुलासा किया.

दयाल ने कहा कि सीबीआई निदेशक ने नोटबंदी से जुड़े मामलों की जांच को शीर्ष वरीयता दी और इन मामलों की जांच कर रही टीम को निर्देश दिया कि वह समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करे. प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार में संलिप्त सभी लोगों पर मामला दर्ज किया जाए.

दयाल ने वर्मा के हवाले से बताया कि नोटबंदी ने सीबीआई को भ्रष्ट लोक सेवकों और अवैध नकदी रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर भ्रष्टाचार रोधी अपने अभियान को आगे बढ़ाने में मदद की.

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने 84 मामलों में संलिप्त पाए गए 307 आरोपियों में अब तक 21 लोकसेवकों और 26 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. इन मामलों में सात प्राथमिक जांच भी शामिल हैं. ये मामले चलन से बाहर किए गए नोटों की वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों, डाक घरों, रेलवे और बीमा कंपनियों में फर्जीवाड़ा कर अदला – बदली करने से संबद्ध हैं.उन्होंने कहा कि अवैध रूप से नोटों की अदला – बदली करने, या चलन से बाहर किए गए नोटों को जमा करने में कुछ खास लोक सेवकों या अन्य लोगों के साथ सांठगांठ कर किए गए भ्रष्ट आचरण की देश भर में सीबीआई की सभी शाखाएं सक्रियता से जांच कर रही है.

सीबीआई ने दावा किया है कि इसने यह सुनिश्चित किया कि कानून के इस तरह के उल्लंघन से जुड़ी हर सूचना पर ध्यान दिया जाए और जरूरत पड़ने पर छानबीन की जाए तथा मामले दर्ज किए जाएं.

आलोक वर्मा ने कहा कि 12 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं और कुछ मामलों में कार्रवाई की सिफारिश की गई है. जांच एजेंसी ने आम लोगों से 92 शिकायतें प्राप्त की, जिसमें विभिन्न संगठनों में अवैध लेन देन होने की सूचना थी.

उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को काफी मात्रा में नकद करेंसी के साथ पकड़ा गया. चूंकि नयी करेंसी निकालने में लोगों पर कुछ पाबंदियां थी, इसलिए इस बारे में जांच चल रही है कि उनके पास इतनी अधिक मात्रा में राशि कैसे आ गई.

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