नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए एक तथ्यान्वेशी समिति के गठन की मांग करने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगी। याचिका में हिंसा में घायल लोगों को चिकित्सा सहायता देने की भी मांग की गई है।आपको बताते जाए कि मंगलवार को जामिया पर सुनवाई करते सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इनकी सुनवाई संबंधित हाईकोर्ट में दायर करें।
अपडेट….
-जामिया हिंसा मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व विधायक आसिफ खान का आरोप है कि पुलिस ने उनको फंसाया है। उन्होंने कहा कि मेरा वीडियो वायरल होने के बाद वो मुझे दंगाई में दिखा रहे हैं। पुलिस हिंसा की कसूरवार है, मैंने तो शांति बनवाई। आज दोपहर 2 बजे जामिया थाने में आत्मसमर्पण करूंगा, अगर मैं दंगाई हूं तो घर कैसे बैठा हूं। पुलिस मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं करती।
-दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा के बाद आज उत्तर पूर्वी जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर ने इस बात की जानकारी दी है।
- नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद और बृजपुरी में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान आगजनी करने के मामले में तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं और छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दिल्ली पुलिस ने जामिया इलाके में हुई हिंसा मामले में दस आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी 10 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आरोपियों को 31 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। इससे पहले आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, बचाव पक्ष के वकीलों ने दावा किया कि आरोपियों को उनके बैकग्राउंड की वजह से हिरासत में लिया गया है।
आपको बताते जाए कि मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर में CAB-NRC के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, गाड़ियों में तोड़फोड़ की। भीड़ ने पुलिस को भी खदेड़ भी दिया, हालांकि कुछ घंटे के बाद मामला शांत हुआ। आज के लिए भी मौजपुर-जाफराबाद मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा के लिहाज से बंद किया गया है। इससे पहले जामियानगर, न्यू फ्रेंड्स इलाके में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। बुधवार को भी सीलमपुर इलाके में सुरक्षा को बढ़ाया गया है।
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