BUMPER LISTING : दोगुनी कीमत पर हुई शेयर बाजार में IRCTC की लिस्ट‍िंग, लाखों निवेशक हुए मालामाल

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के शेयर की बंपर लिस्टिंग हुई है। यह शेयर 320 रुपए के इशू प्राइस के मुकाबले बीएसई पर 101.25 फीसदी प्रीमियम के साथ 644 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। स्टॉक मार्केट में किसी सरकारी कंपनी की यह सबसे सफल लिस्टिंग है। बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 10,736 करोड़ रुपए हो गया है।

सोमवार को बीएसई पर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के शेयरों की 644 रुपए पर लिस्ट‍िंग हुई और सुबह 10.20 बजे इसकी कीमत 691 रुपये पर पहुंच गई। इसके आईपीओ को जिस तरह का जबर्दस्त रेस्पांस मिला था उसे देखते हुए इस बात की पहले से ही उम्मीद थी। इससे लाखों निवेशक मालामाल हो गए हैं।

इसका प्राइस बैंड 315-320 रुपए था। कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में आवेदन 4 अक्टूबर को बंद हुआ था। IRCTC ने इस आईपीओ से 645 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था और उसे जरूरत से 112 गुना ज्यादा शेयरों के लिए बोली मिली थी। इसका मार्केट कैप 11 हजार करोड़ रुपये के पार हो गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इसके शेयरों की लिस्ट‍िंग 626 रुपये पर हुई थी।

IRCTC ने इस आईपीओ से 645 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था और उसे जरूरत से 112 गुना ज्यादा शेयरों के लिए बोली मिली थी। इसलिए पहले से ही इस बात की उम्मीद की जा रही है कि इसकी लिस्ट‍िंग काफी ऊंची कीमत पर होगी। IRCTC के आईपीओ के लिए आवेदन 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच खुला था और कंपनी ने इसके लिए 315 से 320 रुपये का प्राइस बैंड रखा था।

हालांकि खुदरा निवेशकों वाला हिस्सा सिर्फ 15 गुना सब्सक्राइब हुआ था. इस आईपीओ के लिए कम से कम आवेदन 40 शेयरों के एक लॉट का हुआ था। कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध हुए हैं।

कितने शेयरों के लिए था आवेदन…

आईपीओ के द्वारा 2.01 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मांगे गए थे, लेकिन आवेदन 225.39 करोड़ शेयरों का हो चुका था। आईआरसीटीसी में सरकार की अभी हिस्सेदारी 100 फीसदी है और इस आईपीओ के द्वारा सरकार ने अपनी हिस्सेदारी 12.6 फीसदी कम कर दी है।

गौरतलब है कि IRCTC की स्थापना 27 सितंबर, 1999 को हुई थी और इसे 1 मई, 2008 को भारत सरकार से मिनी रत्न कंपनी का दर्जा मिला था। यह रेलवे की खान-पान सेवा के अलावा ई-कैटरिंग, एग्जीक्यूटिव लॉन्ज, बजट होटल जैसे सेगमेंट में भी कारोबार करती है।

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