जम्मू में सीमा सुरक्षा के लिए 2000 BSF जवानों की तैनाती

जम्मू-कश्मीर में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 2000 जवानों की तैनाती!

क्या आप जानते हैं कि जम्मू क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ा कदम उठाया है? जी हाँ, BSF ने 2000 से अधिक जवानों वाली दो नई बटालियनें जम्मू क्षेत्र में तैनात की हैं। यह कदम पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ और बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। आइये जानते हैं इस महत्वपूर्ण कदम के बारे में विस्तार से…

BSF की नई तैनाती: जम्मू में सुरक्षा का नया अध्याय

हाल ही में ओडिशा के नक्सल विरोधी अभियान से हटाई गईं दो BSF बटालियनों को जम्मू क्षेत्र में तैनात किया गया है। ये जवान अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर BSF की सीमा तैनाती के ठीक पीछे “रक्षा की दूसरी पंक्ति” के रूप में काम करेंगे। यह तैनाती सर्दियों की शुरुआत से पहले पूरी की गई है, जो इस कदम की समयबद्धता को दर्शाती है।

तैनाती का दायरा

इन जवानों को जम्मू और कश्मीर के संवेदनशील इलाकों, खासकर सांबा क्षेत्र, और जम्मू से सटी पंजाब सीमा पर तैनात किया गया है। यह तैनाती क्षेत्र में सुरक्षा को और मजबूत करने और आतंकवादियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

जम्मू क्षेत्र की सुरक्षा: चुनौतियां और समाधान

जम्मू क्षेत्र में 485 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से घिरी हुई है। यह क्षेत्र आतंकवादियों के लिए घुसपैठ के लिए एक चुनौतीपूर्ण, लेकिन संभावित मार्ग रहा है। BSF की नई तैनाती इस चुनौती का मुकाबला करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रसद और बुनियादी ढांचा

इन दो बटालियनों के जवानों के लिए आवश्यक रसद व्यवस्था की जा रही है। अस्थायी और स्थायी ठिकाने और गश्ती पड़ाव भी तैयार किए जा रहे हैं। ये पहलें सुनिश्चित करेंगी कि जवान अपनी भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभा सकें।

आतंकवाद का बढ़ता खतरा और सुरक्षा प्रतिक्रिया

इस साल जम्मू क्षेत्र में हुए कई आतंकवादी हमलों ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। राजौरी, पुंछ, रियासी, उधमपुर, कठुआ और डोडा जैसे जिलों में हुए इन हमलों में 40 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी और ग्राम रक्षा गार्ड (VDG) के सदस्य भी शामिल हैं। BSF की नई तैनाती इस बढ़ते आतंकवादी खतरे के प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया के तौर पर देखी जा सकती है।

नक्सल विरोधी अभियान से वापसी

गौरतलब है कि जुलाई-अगस्त में इन दोनों बटालियनों को ओडिशा के नक्सल प्रभावित कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से वापस बुलाया गया था। ये बटालियन वहां नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात थीं। जम्मू में इनकी तैनाती से संसाधनों को एक ऐसे क्षेत्र में केंद्रित किया जा रहा है जिसको अत्यधिक सुरक्षा की आवश्यकता है।

Take Away Points

  • BSF ने जम्मू क्षेत्र में 2000 से अधिक जवानों वाली दो नई बटालियनें तैनात की हैं।
  • यह कदम पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ और बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों से निपटने के लिए उठाया गया है।
  • इन बटालियनों को पहले ओडिशा में नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात किया गया था।
  • जम्मू क्षेत्र में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के बाद यह तैनाती और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
  • BSF जम्मू में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रसद और बुनियादी ढाँचे में सुधार कर रहा है।

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