BPSC 70वीं परीक्षा में हुआ पेपर लीक? छात्रों का आरोप, आयोग की बैठक शुरू
क्या बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का पेपर लीक हो गया? पटना के बापू धाम परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान छात्रों ने पेपर लीक होने और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं. परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया, जिससे पूरे मामले में तूल पकड़ गया है. क्या सच में पेपर लीक हुआ या फिर यह सिर्फ़ छात्रों का गुस्सा है? आइए, इस विवाद से जुड़े हर पहलू पर गौर करते हैं।
पेपर लीक के आरोपों की सच्चाई क्या है?
छात्रों का कहना है कि उन्हें पेपर आधे घंटे देर से मिला और पेपर की सील पहले से ही टूटी हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में बड़ी पैमाने पर धांधली हुई है. इस गंभीर आरोप के बाद पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह परीक्षा केंद्र पहुंचे और मामले का जायजा लिया. लेकिन, क्या डीएम के बयान से छात्रों के आरोपों की पुष्टि होती है या फिर खारिज?
डीएम ने क्या कहा?
डीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र में एक हॉल में बैठने वाले अभ्यर्थियों की संख्या और प्रश्न पत्र की संख्या में अंतर के कारण थोड़ी देरी हुई. प्रश्न पत्रों को एक हॉल से दूसरे हॉल में ले जाने की वजह से भी देरी हुई. उन्होंने बताया कि जिन छात्रों को देरी से प्रश्न पत्र मिला, उन्हें अतिरिक्त समय भी दिया गया. डीएम के अनुसार, 11 हजार से ज़्यादा छात्रों ने शांतिपूर्वक परीक्षा दी, जबकि सिर्फ़ 150-200 छात्रों ने हंगामा किया. क्या डीएम का यह बयान पूरी तरह से सचाई को दर्शाता है या फिर इसमें कोई छिपा हुआ सच है?
BPSC आयोग की प्रतिक्रिया क्या होगी?
इस पूरे विवाद के बाद BPSC आयोग की महत्वपूर्ण बैठक हुई. आयोग के अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक ने बैठक में मामले पर चर्चा की और छात्रों के आरोपों पर जाँच शुरू करने का निर्णय लिया. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जाँच पूरी होने के बाद ही इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा. आयोग की प्रतिक्रिया और जाँच के परिणाम क्या होंगे, इसपर सभी की नज़रें टिकी हुई हैं.
क्या आयोग इस मामले को गंभीरता से लेगा?
छात्रों द्वारा लगाए गए पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों पर आयोग की प्रतिक्रिया निर्णायक भूमिका निभाएगी. क्या आयोग इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता का परिचय देगा? क्या इस मामले में दोषियों को सज़ा मिलेगी? यह सब आने वाले दिनों में ही पता चल पाएगा।
आगे क्या होगा?
अब सवाल यह है कि इस पूरे विवाद के बाद क्या होगा? क्या आयोग इस मामले की पूरी और पारदर्शी जांच करेगा? क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी? और सबसे अहम सवाल, क्या इस मामले से BPSC की साख पर कोई असर पड़ेगा? इन सवालों के जवाब पाना अभी भी बाकी है.
छात्रों के हितों का क्या होगा?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक प्रभावित छात्र ही हुए हैं. उनके भविष्य और करियर पर इसका असर पड़ना तय है. आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों के हितों का ध्यान रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच की जाए, और दोषियों को उचित सजा मिले. इस घटना से प्रभावित छात्रों को किस प्रकार की क्षतिपूर्ति मिल पाएगी, यह देखना बाकी है.
Take Away Points
- BPSC 70वीं परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.
- छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा किया और धांधली के आरोप लगाए हैं.
- पटना डीएम ने देरी का कारण बताया, लेकिन छात्रों के आरोपों पर अभी भी सवालिया निशान है.
- BPSC आयोग ने मामले की जांच शुरू करने का निर्णय लिया है.
- इस पूरे विवाद का BPSC की साख और छात्रों के भविष्य पर क्या असर होगा, यह देखना बाकी है।

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