BoysLockerRoom Case: इंस्टाग्राम पर अश्लील ग्रुप में रेप की बातें, छात्रों पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरू

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नई दिल्ली। इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप की प्रोफाइल पर ऐतराज करते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस और इंस्टाग्राम दोनों को नोटिस जारी किया है। दिल्ली महिला आयोग की चीफ स्वाति मालीवाल ने बताया कि इस ग्रुप की स्क्रिनशॉट देखने पर बहुत ही घिनौनी, अपराधी और बलात्कारी मानसिकता नजर आती है। इस मामले में दिल्ली पुलिस और इंस्टाग्राम दोनों को ही नोटिस जारी कर एक्शन लेने की मांग की गई है।

इंस्टाग्राम ऐप पर ग्रुप बनाकर लड़कियों के बारे में अश्लील बातें करनेवाले नाबालिग छात्रों पर पुलिस का शिकंजा कसना शुरू हो चुका है। इनमें से एक को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया। ग्रुप से जुड़े बाकी लोग (करीब 21) की पहचान भी हो चुकी है। उन सभी से पूछताछ होगी। पकड़ा गया छात्र नाबालिग है और अभी किसी स्कूल में ही पढ़ता है।

दिल्ली के इन नाबालिग छात्रों ने इंस्टाग्राम ऐप पर BoysLockerRoom नाम से एक ग्रुप बनाया हुआ था। इसमें ये लोग लड़कियों की तस्वीरें शेयर करते, जिसमें से कई नाबालिग भी होती थीं। उस ग्रुप में लड़कियों के गैंगरेप तक के इरादा जताए गए थे। ये लोग ग्रुप में लड़कियों की तस्वीरें शेयर करते और उनके बारे में आपस में गंदी-गंदी बातें करते थे।

जांच में पता चला है कि इस ग्रुप को एक सप्ताह पहले बनाया गया था और एडमिन समेत इसमें 21 लोग शामिल हैं। इस ग्रुप में तीन-चार स्कूल के बच्चे, जिसमें एक स्कूल दक्षिण दिल्ली में स्थित है, शामिल हैं। कुछ छात्रों ने कहा कि वे इस ग्रुप में शामिल जरूर हैं लेकिन कोई मैसेज नहीं डाला है। इस ग्रुप की करतूतों के खिलाफ सोशल मीडिया में कैंपेन चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लड़कियां भी शामिल हैं।

ग्रुप के एक छात्र से पुलिस पहले से टच में थी। छात्र ने बताया था कि वह इस समूह के कई लोगों को नहीं जानता है क्योंकि वे सभी दूसरे स्कूल के हैं। जैसे इस कथित ग्रुप का स्क्रीनशॉट्स वायरल हुआ इसे डिलीट कर दिया गया और ‘लॉकररूम 2.0’ के नाम से एक अन्य ग्रुप बना लिया गया। इस ग्रुप में लड़की को भी ऐड किया गया था।

साइबर सेल के डीसीपी अन्वेश रॉय ने छात्र के पकड़े जाने से पहले बताय था कि, ‘हमने वायरल स्क्रीनशॉट का स्वत: संज्ञान लेते हुए आईटी ऐक्ट के सेक्शन 67, 67A के तहत केस दर्ज कर लिया है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 465 (फर्जीवाड़ा के लिए दंड) 469 (साख पर धब्बा लगाने के लिए फर्जीवाड़ा) और 471 (फर्जीवाड़ा) के तहत भी मामला दर्ज किया है।’

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