BJP का ‘ऑपरेशन कमल’ का अगला निशाना MP की कमलनाथ सरकार, जानिए कैसे और क्या हैं राजनीतिक आंकड़ें

BJP का ‘ऑपरेशन कमल’ का अगला निशाना MP की कमलनाथ सरकार, जानिए कैसे और क्या हैं राजनीतिक आंकड़ें

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। वर्ष 2018 दिसंबर में हुए चुनाव में बीजेपी को यहां 109 सीटें हासिल हुई थीं। उधर, कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मध्य प्रदेश में 15 सालों से शिवराज सिंह चैहान की सरकार थी। लेकिन साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल कर भाजपा के गढ़ को हिला दिया. चुनाव में कांग्रेस को 114, बीजेपी को 109, बसपा को 2, सपा को 1 और निर्दीलीय के खाते में 4 विधानसभा सीटें गईं।

मध्य प्रदेश की 230 सीटों से बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत थी. ऐसे में सपा-बसपा के तीन विधायक और 4 निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस की बनती सरकार देखकर साथ आ गए और सदन में कमलनाथ को बहुमत हासिल हो गई।

कमलनाथ सरकार को पूरा 1 साल भी पूरा नहीं हुआ कि बीच में ही विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात उठने लगी है। मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ कई बार कह चुके हैं कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, वहीं पूर्व सीएम शिवराज सिंह चैहान भी कई बार दावा ठोकते हुए कई कांग्रेसी विधायकों से संपर्क होने की बात करते नजर आ चुके हैं।

ऐसे में अगर मध्य प्रदेश का हाल भी कर्नाटक जैसा होता है तो काफी आराम से कमलनाथ सरकार गिर सकती है। मध्य प्रदेश में बीजेपी अगर वापसी चाहती है तो सत्ताधारी खेमे के कम से कम 13 विधायक इस्तीफा दें। अगर ऐसा होता है कि सदन की संख्या बल 230 से घटकर 217 पर पहुंच जाएगी। इसके अनुसार, सदन में बहुमत हासिल करने के लिए 109 विधायकों की जरूरत होगी जो कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भारतीय जनता पार्टी के पास मौजूद है।

दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी हर जगह परेशानी खड़ी करने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है कुमारस्वामी की नहीं। बीजेपी को इस सरकार में खरीद-फरोख्त करने के लिए सात जन्म लग जाएंगे।

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