बिहार में एनडीए में जारी घमासान: चिराग पासवान का रुख क्या है?
बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। उपचुनाव के नतीजों के बाद एनडीए में दरारें उभर कर सामने आ रही हैं, और चिराग पासवान का रुख सबसे महत्वपूर्ण सवाल बन गया है। जेडीयू विधायक चेतन आनंद ने चिराग पासवान पर सवालों की झड़ी लगा दी है और उनसे अपना रुख साफ करने की मांग की है। आइए, इस राजनीतिक उथल-पुथल को समझते हैं।
चिराग पासवान का रहस्यमय रवैया
चेतन आनंद ने फेसबुक पोस्ट के जरिए चिराग पासवान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान ने उपचुनावों में एनडीए के लिए कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाई, यहां तक कि चुनाव प्रचार के लिए भी वह मौजूद नहीं रहे। आनंद ने सवाल उठाया कि क्या चिराग पासवान वास्तव में एनडीए के साथ हैं या सिर्फ दिखावा कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि यह अस्पष्टता एनडीए के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
इमामगंज उपचुनाव की असफलता
चेतन आनंद ने इमामगंज उपचुनाव में एनडीए की हार का जिम्मा चिराग पासवान पर डालने की कोशिश की। उनका कहना है कि चिराग पासवान की अनुपस्थिति से एनडीए उम्मीदवार को वोट नहीं मिल पाए, जिससे भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा। आनंद का मानना है कि इससे एनडीए की साख को भी नुकसान पहुंचा है।
संसदीय चुनाव में उपस्थिति का अभाव
चेतन आनंद ने शिवहर संसदीय चुनाव में चिराग पासवान की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि चिराग पासवान बार-बार कार्यक्रम रद्द करके पार्टी के साथ अन्याय कर रहे हैं, और यह एनडीए की छवि को खराब कर रहा है।
एनडीए के भविष्य पर मंडराता संकट?
चिराग पासवान के रवैये ने एनडीए के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्या वह एनडीए के साथ बने रहेंगे या अलग रास्ता अपनाएंगे, यह आने वाले समय में ही पता चल पाएगा। इस अनिश्चितता ने एनडीए में तनाव को बढ़ा दिया है। बिहार में सियासी समीकरण बदलने की आशंकाएं भी बढ़ रही हैं।
आनंद का सलाह
चेतन आनंद ने चिराग पासवान को सलाह दी है कि वह अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि अस्पष्टता से काम नहीं चलेगा। चिराग को यह तय करना होगा कि वह एनडीए का साथ देंगे या नहीं। आनंद के मुताबिक, वर्तमान स्थिति एनडीए के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
राजनीतिक भूचाल का संकेत?
इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक भूचाल का संकेत माना जा सकता है। एनडीए की एकता पर संकट मंडरा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ता है और क्या परिणाम सामने आते हैं। क्या यह एनडीए के लिए दरारें बढ़ाने वाला फैक्टर बन जाएगा या नहीं।
आगे क्या होगा?
बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा, यह कहना अभी मुश्किल है। लेकिन इतना तय है कि चिराग पासवान का फैसला एनडीए के भविष्य को प्रभावित करेगा। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और भी बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर जनता की नज़र टिकी हुई है। लोग यह देखना चाहते हैं कि बिहार की राजनीति का भविष्य क्या होगा। क्या एनडीए बरकरार रहेगा या टूट जाएगा? क्या चिराग पासवान एनडीए में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे?
Take Away Points
- बिहार में एनडीए में गहराता संकट।
- चिराग पासवान का रहस्यमय रवैया।
- जेडीयू विधायक चेतन आनंद का तीखा हमला।
- एनडीए के भविष्य पर मंडराता संकट।
- बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?

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