डेस्क। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने और देश को यह सन्देश देने के लिए अनोखी पहल की है। वैज्ञानिकों ने दिल्ली के इंड़िया गेट से मुबंई के गेटवे आफ इंडिया तक 1700 किलोमीटर साइक्लोथॉन की शुरुआत की है, “यह साइक्लोथॉन 23 अगस्त 2022 को गेटवे ऑफ इंडिया, मुंबई पहुँचकर खत्म होगी।
आपको बता दें कि परमाणु वैज्ञानिक साइकिल चालकों की टीम ने इस बात पर ध्यान आकर्षित किया कि परमाणु रिएक्टर और साइकिल स्वच्छ, हरे और सुरक्षित होने के मामले में एक ही समान हैं। उनके अनुसार जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए दोनों अपरिहार्य विकल्प बताए गएं हैं।
इस आयोजन की थीम है; साइकिल चलाने की तरह ही परमाणु ऊर्जा, सबसे स्वच्छ, हरित और सबसे सुरक्षित। साथ ही बता दें कि इस अवसर पर मिस्टर सिन्हा ने कहा, “यह परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा एक बड़ी पहल है। आगे उन्होंने कहा कि जो निश्चित रूप से सकारात्मक तरीके से उनकी राय को प्रभावित करने वाला है।
साइक्लोथॉन में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी शामिल हुए हैं। यह लोग रास्ते में मिलने वाले लोगों के बीच बिजली के स्वच्छ, हरे और सुरक्षित स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा के बारे में जागरुकता फैलाने का काम करेंगे। ये आम जनता को प्रोत्साहित भी करेंगे। साथ ही इस अभियान को चेन रिएक्शन के रूप में फैलाने की तरह यूज़ किया जाएगा जो परमाणु प्रतिक्रिया और साइकिल दोनों के मौलिक भागों से प्रेरित होगा।
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