Babri Masjid vs Ram Mandir: बाबरी मस्जिद गुलामी का प्रतीक, विश्व गुरु बनने के लिए एकजुटता जरुरी

Babri Masjid vs Ram Mandir: राम मंदिर बन गया है। 22 को भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है। बड़े-बड़े दिग्गजों को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। पूरा देश वर्तमान में भगवा ध्वज के नीचे गर्व महसूस कर रहा है। वही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बाबरी मस्जिद को लेकर बयाना देते हुए कहा- 500 वर्ष का इंतजार खत्म हुआ। बाबरी मस्जिद गुलामी का प्रतीक थी।

Babri Masjid vs Ram Mandir

बता दें 1992 में कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। मोहन भागवत ने कारसेवकों को याद करते हुए कहा- बाबरी मस्जिद गुलामी का प्रतीक थी। कारसेवकों ने उसे ध्वस्त किया। आज वहां भव्य राम मंदिर बनकर खड़ा हो गया है। कारसेवकों ने कभी दंगा नहीं किया। क्योंकि उन्होंने बाबरी मस्जिद के अलाव अयोध्या की किसी मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया।

उन्होंने आगे कहा- मंदिर बन गया है। वर्षों का इंतजार समाप्त हुआ। यह ख़ुशी का पल है। हमें अपना संघर्ष अभी जारी रखना होगा। ताकि हम अपनी मंजिल हासिल कर सकें। अभी काफी कुछ करना बाकी है। सपने पूरे करने के लिए अभी संघर्ष करना होगा। समय के साथ कई चीजें परिवर्तित हुईं। कई संस्कृति ध्वस्त हो गईं। लेकिन आज भी हिन्दू संस्कृति बची हुई है। विश्वगुरु बनने के लिए पूरे देश को एकजुट होना होगा।

बताते चलें 22 जनवरी को राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा किया जा रहा है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस चीफ़ मोहन भागवत सहित कई हस्तियां शामिल हो रही हैं। लेकिन शंकराचार्यों ने इस आयोजन में आने से इंकार कर दिया है, उनका कहना है कि मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हुई है ऐसे में इसमें प्राण प्रतिष्ठा करना उचित नहीं है।

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