Azadi ka Amrit mahotsav:- ऐसा क्या हुआ की तिरंगे के रंग में नही जगमगाया ताज महल

Happy independence day:- पूरा देश इस समय आजादी के रंग में रंगा हुआ है। देश के नागरिकों ने हर घर तिरंगा अभियान का जमकर समर्थन किया। आज गांव से लेकर शहर तक हर घर मे झंडा फहरा रहा है। सरकारी संस्थानों और स्मारकों को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। हर और तिरंगा ही दिखाई दे रहा है। लेकिन ताजमहल आजादी के रंग से दूर रहा। जहां आगरा के सभी स्मारक तिरंगे की लाइट से सजे दिखाई दिये वही ताजमहल तिरंगे के रंग में नही रंगा गया।

अब लोगो के मन मे तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं की आखिर ऐसा क्या हो गया की ताजमहल तिरंगे के रंग से नही सुशोभित हुआ। असल मे इसके पीछे एक विशेष कारण है। सामाजिक कार्यकर्ता विजय उपाध्याय ने दावा किया कि ताजमहल में आखिरी बार 20 मार्च 1997 की रात को प्रसिद्ध पियानोवादक यानी के शो के दौरान आखिरी बार ताजमहल को रोशनी से जगमगाया गया था। जब ताजमहल में लाइटिंग की गई तो उस लाइट की वजह से कई छोटे छोटे कीड़े मर जाते हैं और ताजमहल के पत्थर पर दाग लग जाते हैं।
इन दागों से ताजमहल को बचाने के लिये यह कदम उठाया गया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ही स्मारक के अंदर किसी भी तरह की रोशनी की इजाजत नहीं दी, क्योंकि कीड़ों के मरने की वजह से ताजमहल पर दाग बन जाता था. 1997 से ही ताजमहल को जगमगाने पर प्रतिबंध है, जो अभी भी बदस्तूर जारी है।

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