ASSAM : PM मोदी बोले, अब इस धरती पर लौटने नहीं देना है हिंसा के अंधकार को

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कोकराझार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोडो समझौते को लेकर कोकराझार में होने वाले समारोह को संबोधित करते हुए कहा है कि कुछ लोग हमें डंडे मारने की बात करते हैं। लेकिन जिनके पास जनता का कवच मौजूद हो उसके कुछ नहीं होता है। आप लोग मुझे आशीर्वाद देने आए हैं। मैंने इससे पहले इतनी विशाल जनसभा नहीं देखी।

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-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन, इस समझौते में बहुत सकारात्मक भूमिका निभाने वाले All Bodo Students Union, National Democratic Front of Bodoland से जुड़े सभी युवा साथियों, BTC के चीफ हगरामा माहीलारे और असम सरकार की प्रतिबद्धता को अभिनंदन करने का है। आज का दिन संकल्प लेने का है कि विकास और विश्वास की मुख्य धारा को मजबूत करना है। अब हिंसा के अंधकार को इस धरती पर लौटने नहीं देना है।

-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब सरकार का प्रयास है कि असम अकॉर्ड की धारा-6 को भी जल्द से जल्द लागू किया जाए। मैं असम के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि इस मामले से जुड़ी कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार और त्वरित गति से कार्रवाई करेगी। अकॉर्ड के तहत BTAD में आने वाले क्षेत्र की सीमा तय करने के लिए कमीशन भी बनाया जाएगा।इस क्षेत्र को 1500 करोड़ रुपये का स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज मिलेगा, जिसका बहुत बड़ा लाभ कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदालगुड़ि जैसे जिलों को मिलेगा।

-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज जब बोडो क्षेत्र में, नई उम्मीदों, नए सपनों, नए हौसले का संचार हुआ है, तो आप सभी की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मुझे पूरा विश्वास है कि ‘बोडो टेरीटोरियल कॉउंसिल’ अब यहां के हर समाज को साथ लेकर, विकास का एक नया मॉडल विकसित करेगी। बोडो टेरिटोरियल काउंसिल, असम सरकार और केंद्र सरकार, अब साथ मिलकर, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को नया आयाम देंगे। इससे असम भी सशक्त होगा और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना भी और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के लिए 21वीं सदी में एक नई शुरुआत, एक नए सवेरे का, नई प्रेरणा का स्वागत करने का है। मैं New India के नए संकल्पों में आप सभी का, शांतिप्रिय असम का, शांति और विकास प्रिय नॉर्थ ईस्ट का स्वागत करता हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांधी जी कहते थे कि अहिंसा के मार्ग पर चलकर हमें जो भी प्राप्त होता है वो सभी को स्वीकार होता है। अब असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही, लोकतंत्र और भारत के संविधान को स्वीकार किया है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी गोवाहटी हवाई पहुंचे थे। वहां उनका स्वागत राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने किया। आपको बताते जाए कि समझौते पर 27 जनवरी, 2020 को नई दिल्‍ली में हस्‍ताक्षर किए गए थे। गुरुवार की रात बोडो शांति समझौते के स्वागत में असम के कोकराझार जिले में लोगों ने लाखों दिए जलाकर अपनी खुशी जाहिर की है।

देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू होने और एनआरसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार नॉर्थ-ईस्ट के किसी राज्य का दौरा किया।

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