Politics: भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में आम आदमी पार्टी को जोड़ने वाले अन्ना हजारे ने शराब नीति के खिलाफ आप को एक पत्र लिखा है और अरविंद केजरीवाल को उनकी किताब स्वराज का स्मरण करवाया है।
अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल को याद दिलाया है कि उन्होंने किताब में सुझाव दिया था कि शराब की दुकान खोलने का कोई लाइसेंस तभी दिया जाना जब ग्राम सभा इसकी मंजूरी दे दे और ग्राम सभा की संबंधित बैठक में मौजूद 90 प्रतिशत महिलाएं इसके पक्ष में मतदान करें. ग्राम सभा में महिलाएं बहुमत से मौजूदा शराब की दुकानों का लाइसेंस भी रद्द करा सकें।
अन्ना हजारे ने आगे कहा, जब तक वह सरकार में नही थे। तब तक वह इसके खिलाफ थे। लेकिन जैसे ही वह सरकार में आए। उन्होंने इसका समर्थन करना शुरू कर दिया। मैं वास्तव में उनकी इस प्रकिया से हताश हूँ। शराब नीति दुख भरी है। इसके तहत जगह जगह शराब की दुकानें खुलवाई जा रही है।
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि शराब घर को तबाह कर देती है। गांव में शराब के कारण घरों में समस्याओं का जन्म होता है। वही जिस प्रकार शराब का नशा होता है ठीक उसी प्रकार सत्ता का नशा होता है। हमे लग रहा है आप भी अब सत्ता के नशे में डूब गए हैं।
उन्होंने आगे आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा उस इतिहासिक आंदोलन से जो पार्टी बनी वह अब सत्ता के नशे में चूर हो गई है। लोगो को पार्टी से काफी उम्मीदें थीं। लेकिन पार्टी ने भी वही किया जो अन्य पार्टियों ने किया था। अब आप भी अन्य पार्टियों की राह पर चल पड़ी है। यह दुख की बात है।
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