गुजरात में करोड़ों की एम्बरग्रीस तस्करी का भंडाफोड़!
क्या आप जानते हैं समुद्र का सोना क्या है? जी हाँ, एम्बरग्रीस! इस दुर्लभ और बहुमूल्य पदार्थ की तस्करी का एक बड़ा मामला गुजरात के भावनगर जिले में सामने आया है। महुवा पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी छापेमारी में 12 किलो एम्बरग्रीस जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 से 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस खबर ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। आइए, इस मामले की पूरी जानकारी जानते हैं।
एम्बरग्रीस क्या है?
एम्बरग्रीस, जिसे समुद्र का सोना भी कहा जाता है, एक दुर्लभ और बहुमूल्य पदार्थ है जो स्पर्म व्हेल की आंतों में बनता है। यह एक मोम जैसा पदार्थ होता है, जिसकी अनोखी सुगंध इसे इत्र उद्योग में अत्यधिक मूल्यवान बनाती है। यह बेहद कीमती होने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के इत्रों में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में इस्तेमाल होता है। इस दुर्लभ पदार्थ की भारी मांग के कारण ही, इसकी तस्करी एक बड़ा व्यापार बन गई है।
तस्करी का खुलासा कैसे हुआ?
महुवा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चामुंडा डाई कारखाने में एम्बरग्रीस की तस्करी हो रही है। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर कारखाने में छापा मारा और 12 किलो एम्बरग्रीस बरामद की। इस छापेमारी में दो लोगों, जयदीप शियाल और रामजी शियाल को गिरफ्तार किया गया है। रामजी शियाल ने बताया कि उसे यह एम्बरग्रीस 1.5 साल पहले पिंगलेश्वर महादेव के पास समुद्री तट से मिला था, लेकिन वह इसे बेच नहीं पाया था।
एम्बरग्रीस तस्करी: कानून का उल्लंघन
एम्बरग्रीस का व्यापार करना जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है, क्योंकि स्पर्म व्हेल एक संरक्षित प्रजाति है। इस मामले में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है ताकि इस तस्करी के नेटवर्क का पूरा पर्दाफाश किया जा सके। यह एक गंभीर पर्यावरणीय अपराध है जिससे दुर्लभ प्रजातियों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
क्या है आगे की कार्रवाई?
पुलिस ने इस मामले में कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है और इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह तस्करी का एक संगठित नेटवर्क है। इस तरह की तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस मामले में बरामद एम्बरग्रीस को सुरक्षित रख लिया गया है।
टेकअवे पॉइंट्स
- गुजरात में 12 किलो एम्बरग्रीस की जब्ती से तस्करी का भयावह रूप सामने आया है।
- एम्बरग्रीस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक कीमत है जिसके चलते इसे निशाना बनाया जाता है।
- स्पर्म व्हेल की रक्षा के लिए वन्यजीव संरक्षण नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
- एम्बरग्रीस तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

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