Agnipath violence :- हिंसा से नहीं निकलता हल , सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना राष्ट्रद्रोह:- रामदेव

अग्निपथ:- सरकार की नई भर्ती नीति अग्निपथ का युवा लगातार विरोध कर रहे हैं। वही अब इस विरोध को लेकर राजनीतिक दलों व उद्योगपतियों की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है। जहां कल कांग्रेस ने युवाओं के समर्थन में जंतर मंतर पर अग्निपथ योजना का विरोध किया वही योगी आदित्यनाथ ने इसे युवाओं के उज्जवल भविष्य के संदर्भ में बेहतरीन स्कीम बताया। अब इसी कड़ी में योग गुरु बाबा रामदेव भी शामिल हो गए हैं और अग्निपथ का विरोध कर रहे युवाओं को इंगित करते हुए उन्होंने कहा है कि जिस तरह से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है उससे साफ स्पष्ट है कि यह युवा भर्ती में जाकर देश का भला नहीं कर सकते। क्योंकि देश की रक्षा करने वाला कभी अपने देश को आग के मुह में नहीं झोकेगा।

बाबा रामदेव में अग्निपथ योजना का समर्थन करते हुए कहा, जिस तरह से युवा सड़क पर उतर कर हिंसा कर रहे हैं वह गलत है। इस तरह सड़क पर उतरकर आगजनी करना सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना और सार्वजनिक स्थलों पर उड़ दंग करना राष्ट्रद्रोह है। युवाओं को थोड़ा संयम रखना चाहिए और शान्ति का परिचय देना चाहिए। सरकार इस मसले का कोई न कोई हल अवश्य निकालेगी। उन्होंने आगे कहा यह देश महात्मा गांधी का अहिंसा वाले देश है लेकिन युवा जिस तरह माहौल खराब कर रहे हैं उससे यह स्पष्ट है कि वह महात्मा गांधी के अहिंसा वाले देश के बिल्कुल नहीं है। 
उन्होंने कहा हम भारत के निवासी हैं और भारत मे हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। अगर सरकार कोई योजना लेकर आती है और आपको उससे समस्या है या वह आपको आपके लिये हितकारी नहीं लगती तो आप उसका शान्ति पूर्वक विरोध करें। इस प्रकार से बस और ट्रेन को आग के हवाले करना। जगह जगह सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत है और हिंसा से हल नहीं खोजा जा सकता। 
जानकारी के लिए बता दें सरकार ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। जिसका भारत के अलग अलग राज्यो में जमकर विरोध हो रहा है। युवा सड़को पर हंगामा मचाए हुए हैं। सबसे ज्यादा हिंसा बिहार में हो रही है। वही सेना ने कल यह स्पष्ट किया है कि वह अग्निपथ योजना वापस नहीं लेंगे और जो लोग सेना में आकर देश की सेवा करना चाहते हैं उन्हें चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा। वही अग्निपथ योजना की सभी सेवाएं उन्हें मिलेगी।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *