Independence day: फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 में तिरंगे के अपमान से जुड़ी सजाओ का प्रावधान है। प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 कानून के तहत तिरंगे के अपमान से जुड़ी कार्यवाही की जाती है। यह हम इसलिए बता रहे हैं क्योंकि इस बार भारत मे तिरंगे का स्वैग देंखने को मिला। हर घर तिरंगा अभियान के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक ने अपने घर मे तिरंगा लगाया। देश मे करोड़ो तिरंगों की बिक्री हुई। लोगो ने ध्वजारोहण किया। वही अब तिरंगे से जुड़े नियमों को जानना हर किसी के लिये आवश्यक है। क्योंकि अगर आप झड़ा गलत फहराते है तो इसके लिए आपको सजा हो सकती है।
अगर हम ध्वजारोहण की बात करे तो यह 15 अगस्त को किया जाता है वही 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाता है। जानकारी के लिए बता दें जब तिरंगे को नीचे से रस्सी के माध्यम से खींचकर फहराया जाता है, तो इसे ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं। लेकिन 26 जनवरी में तिरंगा ऊपर ही बंधा होता है, जिसे पूरा खोलकर फहराया जाता है। इसे झंडा फहराना (Flag Unfurling) कहते हैं।
जाने क्या है सजा:-
अगर कोई व्यक्ति कोई व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता, इसे जलाते, दूषित करते, कुचलते या नियम विरुद्ध ध्वजारोहण करते पाया जाता है तो उसे तीन साल की जेल या जुर्माना देने पड़ सकता है। व्यक्ति को जेल और जुर्माना दोनों से ही दंडित किया जा सकता है। यह नियम बनाए गए हैं और जो नियमो का अनुसरण नही करता है उसे दण्ड मिलता है।
वही इस बार जिन लोगो ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा लगाए हैं या रैली निकाली है। उन्हें तिरंगे का सम्मान करना चाहिए और तिरंगे को कही भी नहीं फेकना चाहिए। कोशिश करे तिरंगे का सम्मान हो और आजादी के जश्न के बाद कल तिरंगा सड़को पर न पड़ा दिखाई दे क्योंकि यह हमारे देश की शान है। देश का अभियान और देश की शान कभी भी नीचे झुकी हुई नही शोभा देती।
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