41 साल बाद भारतीय हॉकी टीम कांस्य जीतने पर झारखंड के राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने बधाई व शुभकामनाएं दी

शेखर की रिपोर्ट

टोक्यो ओलंपिक 2020 की टर्न पर भारतीय में हॉकी टीम ने मेडल जीतने के साथ 40 साल के इंतजार को खत्म कर दिया 1980 के मास्को ओलंपिक की बात पहली बार भारतीय ने हॉकी टीम ने टोक्यो में पोडियम फिनिश किया है आपको बताते जाएगी मनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने जर्मनी के खिलाफ अपना ब्रांच मेडल मैच जीत लिया है इस बड़े मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 5-4 से हराया भारत के ओलंपिक में जीत आखिरी मेडल और इस बार के मेडल के बीच एक बात कॉमन रही दोनों ही उसने एक गोल के अंतर से जीते जर्मनी की टीम साल 2008 के बाद पहली बार हॉकी में ओलंपिक मेडल जीतने से चूक गई भारत और जर्मनी के बीच ब्रांच मेडल के लिए चला मुकाबला बड़ा ही दिलचस्प रहा तक की नजर इस हॉकी खेल में रही

जिसके खत्म होने पर 1-0 से आगे रहा वहीं दूसरा क्वार्टर दोनों टीम के बीच तीन तीन गोल की बराबरी पर खत्म हुआ भारत के लिए यह गोल सिमरनजीत सिंह हार्दिक और धर्मप्रीत के धागे इसके बाद तीसरा क्वार्टर पूरी तरह से भारत टीम के नाम रहा भारत ने इस क्वार्टर में दो गोल दागे पर हाय एक भी नहीं और इस तरह 5-3 की बढ़त ले ली। क्वार्टर में भारत भारत के सामने अपनी बढ़त को बरकरार रखने की चुनौती दी थी जिसमें वह कामयाब रहा आखरी क्वार्टर में एक गोल जरूर खाएं पर बढ़त बरकरार रही भारत हॉकी के नाम हुआ तीसरा ब्रांच मेडल है इससे पहले 1968 के ओलिंपियाड ओलंपिक में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में वेस्ट जर्मनी को 2-1 से हराया था जबकि 1972 के ओलंपिक में खेले ब्रांच मेडल मैच में भारत ने नीदरलैंड को 2-1 से हराया था जहां एक तरफ भारत ने हॉकी की जीत हुई तो वही पूरे भारत आज इस हॉकी टीम का जश्न मना रहे हैं वहीं झारखंड के राज्यपाल ने हॉकी टीम को बधाइयां दी

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