नई दिल्ली। अर्थशास्त्र के नोबेल से सम्मानित भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी (Nobel laureate Abhijit Banerjee) ने भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy Revival) की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं।
अभिजीत बनर्जी ने बैंकरों की आशंका को समाप्त करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से सरकारी इक्विटी को 51 फीसदी से कम करने का सुझाव दिया। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में अर्थशास्त्री ने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा डिफॉल्ट मामलों में जांच के डर ने बैंकिंग प्रणाली को पंगु बना दिया है और बैंकर उधार नहीं देना चाहते।
उन्होंने कहा, “सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकारी इक्विटी को 51 फीसदी से कम करने पर वे सीवीसी के दायरे से बाहर हो जाएंगे।”
अर्थव्यवस्था या विवादास्पद मुद्दों पर कई सवालों से इनकार करते हुए बनर्जी ने कहा कि सुबह में प्रधानमंत्री के साथ अपनी मुलाकात में उन्होंने मजाक किया कि मीडिया उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है और उनसे मोदी विरोधी टिप्पणी लेने का प्रयास कर रहा है।
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