विदेश: अमेरिका ने दावा किया है कि अल क़ायदा के प्रमुख आयमन अल ज़वाहिरी को उनके सेना के जवानों से ड्रोन से मार गिराया। वही अब जवाहिरी की मौत पर अमेरिका व तालिबान आमने सामने है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि जवाहिरी की मौत से दुनिया की सुरक्षा बढ़ गई है अब दुनिया पहले से अधिक सुरक्षित है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक ट्वीट करते हुए कहा कि अफगानिस्तान ने पैदा हो रहे आतंकी खतरे के विरोध में हमने अपनी पहली कार्यवाही पूरी कर ली है। अमेरिका के लिये अपने देश की सुरक्षा सर्वोपरि है अमेरिका उन लोगो के खिलाफ कार्यवाही करता रहेगा जो अमेरिका को नुकसान पहुंचाने का विचार करेंगे और अमेरिका के लोगो को धमकाते रहेगे।
उन्होंने तालिबान पर शिकंजा कसते हुए कहा कि जवाहिरी को शरण देकर तालिबान ने दोहा समझौता का उल्लंघन किया है। ब्लिंकन ने कहा तालिबान अपनी नीतियों से अलग हटा है। अब उनकी इच्छा के विरुद्ध भी अमेरिका अफगानिस्तान के लोगो की मदद करता रहेगा। खासकर महिलाओं और बेटियों की। वही अब तालिबान ने एक बयान जारी किया है और अमेरिका की कार्यवाही की कड़ी आलोचना की है।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि यह दोहा समझौता का स्पष्ट उल्लंघन है। अमेरिका की यह कार्यवाही सिर्फ तालिबान ही नही बल्कि अफगानिस्तान के हितों के खिलाफ है। उनकी कार्यवाही का तरीका उचित नही था।
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