7TH PAY COMMISSION:7वें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा J&K और लद्दाख के सरकारी कर्मियों को

[object Promise]

श्रीनगर/ नई दिल्ली। नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाएगा। यह लाभ 31 अक्टूबर से प्रभावी माना जाएगा। जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था। अब इन दोनों केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक वेतन व भत्‍ते मिलेंगे।

केंद्र सरकार ने नए बनने वाले केंद्र शासित प्रदेशों जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के मुताबिक भुगतान देने के प्रस्‍ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब इन दोनों केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक वेतन व भत्‍ते मिलेंगे।

[object Promise]

गृहमंत्री ने 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के प्रस्‍ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस कदम से 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ होगा, जो वर्तमान में जम्‍मू एवं कश्‍मीर सरकार के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने कहा है कि 31 अक्‍टूबर, 2019 से यह सभी कर्मचारी केंद्र शासित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कर्मचारी बन जाएंगे।

4.5 लाख कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन देने से सरकारी खजाने पर 4800 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। अब इन सभी कर्मचारियों को चिल्‍ड्रन एजुकेशन अलाउंस, हॉस्‍टल अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, एलटीसी, फ‍िक्‍स्‍ड मेडीकल अलाउंस और अन्‍य लाभ मिल सकेंगे।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि चिल्‍ड्रन एजूकेशन अलाउंस में 607 करोड़ रुपए, हॉस्‍टल अलाउंस में 1823 करोड़ रुपए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, लीव ट्रैवल कनसेंशन (एलटीसी) और फ‍िक्‍स्‍ड मेडीकल अलाउंस में क्रमश: 1200 करोड़, 1000 करोड़ और 108 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अन्‍य भत्‍तों पर 62 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *