1992 मुंबई पुल हादसे में दिव्यांग हुई महिला को रेलवे देगा मुआवजा

1992 मुंबई पुल हादसे में दिव्यांग हुई महिला को रेलवे देगा मुआवजा

 

 

शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने 1992 में मुंबई के एक स्टेशन पर फुट-ओवर ब्रिज दुर्घटना में अशक्त हो गयी एक महिला को
मुआवजा देने का रेलवे को निर्देश दिया है.

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग (एनसीडीआरसी) ने हालांकि राज्य आयोग के 10 लाख रुपए मुआवजा के फैसले में संशोधन करते हुए इसे 4.5 लाख रुपए कर दिया.

आयोग ने रेलवे से मुंबई निवासी विनया विलासा सावंत को मुआवजा देने का निर्देश दिया. उस हादसे में महिला को रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी.

उपभोक्ता आयोग, महाराष्ट्र राज्य आयोग के फैसले के खिलाफ रेलवे की पुनरीक्षण याचिका तथा महिला की याचिका की सुनवाई कर रहा था. महिला ने अपनी याचिका में मुआवजा राशि बढ़ाने का अनुरोध किया था.आयोग ने रेलवे की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया, वहीं महिला की याचिका को खारिज़ कर दिया.

रेलवे ने दलील दी थी कि तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश होने के कारण उससे बचने के लिए बड़ी संख्या में यात्री और लोग उस पुल पर एकत्र हो गए थे. रेलवे ने दलील दी कि पुल पर ओवरलोडिंग के कारण हादसा हुआ.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *