Afganistan:- साल 2021 को 15 अगस्त अफगानिस्तान के लिए अभिशाप बन गया था और तालिबान ने अफगानिस्तान पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था। तालिबान ने अफगानिस्तान के लोगो पर खूब अत्याचार किए। लोग तालिबान छोड़कर जाने को मजबूर हो गए। हर और तालिबान का आतंक पसरा था। महिलाओं के साथ निर्मम व्यवहार हो रहा था। एक झटके में अफगानिस्तान के लोगो की जिंदगी बदल गई और लोग खौफ से जीने लगे।
साल 2021 से पहले तालिबान ने 1996 से 2001 के बीच अफगानिस्तान पर अपना कब्जा जमाया था। लेकिन अमेरिका ने फिर तालिबान में अपनी सेना को भेज दिया। 20 साल तक का लंबा युद्ध चला और तालिबान ने पुनः साल 2021 में महज 10 दिन के भीतर अफगानिस्तान के बड़े शहरों में अपना कब्जा जमा लिया और 15 अगस्त को आधिकारिक तौर पर अफगानिस्तान में अपनी जीत का झंडा गाढ़ दिया।
उस समय अफगानिस्तान की हालत काफी खराब हो गई। हर ओर तबाही थी लोगो के मन मे तालिबान का डर और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान की जीत से पहले ही अपने देश के नागरिकों को अकेला छोड़ दिया और वह देश छोड़कर आबू धामी भाग गए।
अफगानिस्तान में लोग तालिबान के प्रकोप से सहमे हुए थे लोग देश छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पर आ पहुंचे। लेकिन तालिबान ने अपना आक्रमण जारी रखा। 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट पर बड़ा आत्मघाती हमला हुआ। इस हमले में 100 से ज्यादा लोगो की एक झटके में जान चली गई। इस हमले में अमेरिका की सेना के 13 जवानों की मौत हुई। इस हमले की जिम्मेदारी तालिबान के आतंकी ग्रुप आईएसआईएल ने ली और 30 अगस्त को जब अमेरिका की सेना अफगानिस्तान से वापस चली गई तो तालिबान ने जश्न मनाया।
महिलाओं की स्थिति:
तालिबान ने अफगानिस्तान पर अपना कब्जा जमा लिया। नई सरकार का गठन हुआ। दावा किया गया कि अब अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति बदलेगी उन्हें उनका हक मिलेगा। लेकिन सरकार यह दावा तब खोखला महसूस होने लगा जब मंत्री मंडल में एक भी महिला नही शामिल हुई। सभी प्रमुख पद कट्टरपंथी तालिबानियों को दिये गए। तालिबान ने प्रमोशन ऑफ वर्चु और प्रीवेंशन ऑफ वाइस नाम का एक मंत्रालय बनाया। इस मंत्रालय में महिलाओं के लिए कठोर नियम बनाए गए।
तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर अपना आधिपत्य जमाने के बाद महिलाओं की दशा काफी खराब हो गई। उन्हें स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। कर्मचारियों को दाढी रखना अनिवार्य कर दिया। महिलाओं और लड़कियों के लिए सख्त फरमान जारी किया गया जिंसमे उन्हें पर्दा करने के लिये कहा गया और उन्हें घरों में रहने के आदेश दिये गए।
महिलाओं के लिए तालिबान सरकार ने यह नियम बनाये की वह किसी पुरूष के साथ पुब्लिक प्लेस पर नहीं जा सकती है। उनके इस फरमान का महिलाओं ने विरोध किया। तालिबान की इन नीतियों की विश्व स्तर पर आलोचना हुई। लेकिन अभी भी अफगानिस्तान तालिबान के नेतृत्व में प्रताड़ना झेल रहा है। आज भी यहां महिलाओं की दशा खराब है उन्हें उनके अधिकारों से बंचित रखा जा रहा है।
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