हार्ट अटैक से नहीं बल्कि श्रीदेवी की मौत इस एक वजह से हुई, सच जानकर रह जाएंगे हैरान

[object Promise]
[object Promise]
sridevi_

कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक, ये दोनों ही दिल से जुड़ी बीमारी होती हैं। ये दोनों ही बीमारी व्यक्ति के मौत का कारण बन सकती हैं। गौरतलब है कि हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी की दुबई में कार्डिएक अरेस्ट के कारण मौत हो गई। एनबीटी से खास बातचीत में सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि कार्डिएक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) और हार्ट अटैक में अंतर होता है। डॉक्टर के मुताबिक बदलती जीवनशैली और टेंशन के कारण दिल की बीमारियों का खतरा अब बढ़ गया है।

कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर

हार्ट मसल्स में जब ब्लड की सप्लाई किसी कारण से डिस्टर्ब हो जाती है या फिर प्रभावित हो जाती है, तो उस स्थिति में हार्ट अटैक पड़ता है। लेकिन इस स्थिति में दिल शरीर के दूसरे हिस्सों को ब्लड सप्लाई करता रहता है।

कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक ही शरीर में ब्लड पंप करना बंद कर देता है, जिसके कारण व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है या सांस लेना बंद कर देता है। मेडिकल साइंस की भाषा में इसे इलेक्ट्रिक कंडक्टिंग सिस्टम का फेल होना कहा जाता है।

शुरू के 10 मिनट में इलाज

कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में व्यक्ति को अगर 10 मिनट के अंदर मेडिकल सुविधा मिल जाए तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है। कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में दिल और सांस रुक जाने के बाद भी दिमाग जिंदा रहता है। अगर किसी व्यक्ति को पहले हार्ट अटैक पड़ चुका है, तो उसे कार्डिएक अरेस्ट होने की आशंका बढ़ जाती है।

अचानक होता है कार्डिएक अरेस्ट

कार्डिएक अरेस्ट का कोई लक्षण नहीं होता है। सामान्य रूप से कार्डिएक अरेस्ट अचानक ही होता है, इससे पहले शरीर कोई चेतावनी नहीं देता है। 30 साल की उम्र के बाद ऐसिडिटी या अस्थमा के दौरे पड़ना कार्डिएट अरेस्ट का संकेत है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • 30 सेकंड से ज्यादा सीने में दर्द होना
  • सीने के बीचों-बीच भारीपन
  • हल्की जकड़न या जलन महसूस होना
  • थकावट के समय जबड़े में दर्द होना
  • सुबह के समय सीने में बेचैनी होना
  • थकावट के समय सांस फूलना
  • बिना वजह पसीना और थकावट होना

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *