हाथरस मामला: वकील एपी सिंह ने किया सुप्रीम कोर्ट में नया खुलासा

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हाथरस । उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा इलाके में कथित सामूहिक दुष्कर्म और मौत के बाद मामला अब नए मोड़ ले रहा है। आरोपितों के पक्ष में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा भी उतरा है। टीम का नेतृत्व निर्भया कांड के आरोपितों के वकील एपी सिंह कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाले एपी सिंह ने कहा कि, “दलित युवती की मौत के मामले में चारों लड़के निर्दोष हैं। उन्हें गलत फंसाया गया है।”

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रतिनिधिमंडल के साथ गांव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाले एपी सिंह ने कहा कि, “दलित युवती की मौत के मामले में चारों लड़के निर्दोष हैं। उन्हें गलत फंसाया गया है। इस मामले में खूब राजनीति हुई है। देश के राजनीतिक लोगों के साथ अन्य भी इसको लेकर उत्तर प्रदेश के साथ देश में जातीय उन्माद फैलाना चाहते हैं। इस मामले में भी जातीय संघर्ष की साजिश हुई है।”

वकील एपी सिंह ने आरोपियों के परिवार से मुलाकात करके घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि, “इस केस के जरिए समाज में वैमनष्यता फैलाने का काम किया गया है, जो कि गलत है। आरोपियों का केस पुरजोर तरीके से लड़ा जाएगा।”

सिंह ने ही निर्भया केस के दोषियों का भी केस लड़ा था। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि, “मामले की पूरी पैरवी की जाएगी और परिवार को न्याय दिलाने का काम किया जाएगा। परिवार ने अपनी पूरी बात बताई है। उसको लेकर अलग से विचार विमर्श किया जाएगा। घटना के बाद से ही लगातार इस मामले को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। हम एसआईटी की जांच से पूरी तरह से संतुष्ट हैं।”

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा मानवेंद्र सिंह ने आरोपियों के परिवार वालों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि, “मैं संदीप, रवि और रामू के परिवारवालों से मिला हूं। इनकी हालत देखने के बाद यह साफ है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इस केस की उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी जांच चल रही है।”

इधर, पीड़ित के परिवार की सुरक्षा में पुलिस ने उनके घर के बाहर और अंदर 8 सीसीटीवी कैमरे और एक मेटल डिटेक्टर लगाया है। घर के पास फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी और खुफिया विभाग के कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं। घर के आसपास के इलाके को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है।

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