हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी : छात्र क्यों बन गए छात्राएं, आखिर क्या है माजरा

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कानपुर, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के बीटेक प्रथम वर्ष में मनपसंद ब्रांच के लिए कई छात्रों ने खेल किया है। उन्होंने इंटरनल स्लाइडिंग (ब्रांच बदलना) के दौरान छात्राओं, दिव्यांगों व अन्य कैटेगरी की सीटों पर आवेदन कर दिया। जानकारी होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके आवेदन निरस्त कर दिए हैं।

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कानपुर में हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इंटरनल स्लाइडिंग के दौरान मामला पकड़ में आया तो एडमिनिस्ट्रेशन भी हैरान रह गया। 475 छात्रों ने फार्म भरा था अब फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दो दर्जन से अधिक छात्रों के आवेदन निरस्त किए गए हैं।

एचबीटीयू में अब तक दो दर्जन से अधिक ऐसे मामले पकड़ में आ चुके हैं। इनमें से तीन छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने छात्राओं की सुरक्षित सीट पर अपना आवेदन किया, जबकि ज्यादातर ने आरक्षण श्रेणी का चुनाव कर लिया है। मजे की बात तो यह है कि इस ऑनलाइन प्रक्रिया में जिन छात्रों ने पहले एडमिशन भी नहीं लिया था, वह भी ब्रांच के चक्कर में जुड़ गए। उनकी मौजूदगी पर अधिकारी और विभागाध्यक्ष भी हैरान हैं। एचबीटीयू में जेईई मेन्स के आधार पर एडमिशन होते हैं। विभिन्न ब्रांच (संकाय) में दाखिले के लिए चार राउंड काउंसिलिंग हुई, लेकिन फिर भी सीटें खाली रह गईं। पांच दिसंबर को ऑन स्पॉट काउंसिलिंग हुई, जिसमें 52 सीटों पर प्रवेश होने थे।

अगर किसी ब्रांच में सीटें खाली हुईं तो उसे दे दिया जाएगा, जबकि उसकी जगह नीचे के स्कोर वाले छात्र को सीट मिल जाएगी। इसके लिए 475 छात्रों ने आवेदन किए। पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों ने जांच की तो मामला सामने आया। प्रति कुलपति प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि गड़बड़ी करने वाले छात्रों के आवेदन निरस्त हो गए हैं। उनकी जगह नीचे के छात्रों को वरीयता दी जाएगी। ऐसे छात्रों को सूचना दी जा रही है। इस वर्ष 756 सीटों पर एडमिशन होने थे।

इन ब्रांच में बची रह गई थीं सीटें

कंप्यूटर साइंस में दो, मैकेनिकल में चार, पेंट टेक्नोलॉजी में एक, इलेक्ट्रॉनिक्स में नौ, इलेक्ट्रिकल में चार और सिविल इंजीनियरिंग में दो सीटें खाली रह गईं।

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