हमें महात्मा गांधी द्वारा दिखाए गए रास्ते का अनुकरण करना चाहिए : नायडू

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उल्लेखनीय है कि 1948 में 30 जनवरी को ही नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी और उनकी पुण्यतिथि को ‘शहीद दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है।

उप राष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ” गांधी जी शांति, अहिंसा, नि:स्वार्थ सेवा के साधक थे। अपने वचन और कर्म से उन्होंने समय की रेत पर अपनी अमिट छाप छोड़ी, विश्व भर के कितने लोगों को अहिंसा का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने समाज के दुर्बल वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किए।”

नायडू ने राष्ट्रपिता का कथन भी उद्धृत करते हुए लिखा, ”अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है। यदि हम इसका पूरी तरह से पालन न भी कर पाएं तो भी हमें इसकी भावना को समझना चाहिए और जहां तक संभव हो हिंसा का त्याग करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, ”गांधी जी के सिद्धांत और जीवन आज भी अखिल विश्व के कल्याण का मार्ग दीप्त करते हैं। उन्हें याद करते हुए, उनका अनुसरण करने का भी संकल्प लें।”

उपराष्ट्रपति ने कहा, ”राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्य तिथि पर उनकी पावन स्मृति में सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

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