स्पैम कॉल में भारत में इस वर्ष 15 फीसदी की वृद्धि

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नई दिल्ली। भारत वैश्विक स्पैम कॉल (अवांछनीय फोन कॉल) रैंकिंग में पांचवें स्थान पर खिसक गया है। फोन कॉल की पहचान करने वाली स्वीडिश ऐप ट्रयूकॉलर ने मंगलवार को बताया कि पांचवें स्थान पर खिसकने के साथ ही 2019 के दौरान भारत में स्पैम कॉल में 15 फीसदी की वृद्धि भी देखी गई है। ब्राजील दुनिया भर में स्पैम कॉल रैंकिंग सूची में शीर्ष पर बना हुआ है।

कंपनी की वार्षिक ट्रयूकॉलर इनसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपयोगकर्ताओं द्वारा एक महीने के दौरान प्राप्त स्पैम कॉल प्रति उपयोगकर्ता 25.6 कॉल तक बढ़ गई हैं, जिसमें पिछले वर्ष की अपेक्षा 15 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में स्पैम कॉल से प्रभावित शीर्ष 20 देशों को सूचीबद्ध किया है।

भारत में तीन में से एक महिला यौन उत्पीड़न से संबंधित अनुचित कॉल और एसएमएस प्राप्त करती है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, “इस साल की रिपोर्ट में जो सबसे दिलचस्प खुलासे हुए उनमें से एक यह है कि 10 फीसदी स्पैम कॉल वित्तीय सेवा प्रदाताओं से आए हैं। यह कैटेगरी पिछले साल सूचीबद्ध नहीं की गई थी।”

भारत में बढ़ते मध्यम आर्थिक वर्ग के साथ बैंकों और फिनटेक-आधारित संगठनों के साथ ही टेलीमार्केटिंग सेवाओं में क्रमश: बड़े स्पैमर 10 फीसदी और 17 फीसदी के रूप में उभर रहे हैं।

कंपनी का कहना है कि भारत ग्लोबल एसएमएस स्पैम सूची में आठवें स्थान पर है।

स्पैम संदेश मुख्य रूप से उभरते क्षेत्रों से प्राप्त होते हैं। भारत में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को हर महीने औसतन 61 स्पैम एसएमएस मिलते हैं।

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