स्थानीय भाषाओं में भी हो कोर्ट की सुनवाई: राष्ट्रपति कोविंद

इलाहाबाद हाईकोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या  

देवघाट में 395 करोड की लागत से 35 एकड में बनने वाली न्याय ग्राम की राष्ट्रपति ने रखी आधार शिला
 

President Ramnath Kovind

राष्ट्रपति ने राज्यपाल व सीएम के साथ किया गंगा पूजन

इलाहाबाद। दो दिवसीय दौरे पर इलाहाबाद पहुंचे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दूसरे दिन शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयोजित न्याय ग्राम के आधार शिला कार्यक्रम में पहुंचे। राष्ट्रपति ने अपनी पत्नी सविता कोविंद और पुत्र के साथ दीप प्रज्वलित किया। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के जज आर के अग्रवाल और सुप्रीम कोर्ट के जज अशोक भूषण, राज्यपाल राम नाईक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट अतिथि के रुप में मौजूद हैं। इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले शहीद अन्य जज, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित अन्य मौजूद हैं।
राष्ट्रपति ने देवघाट (झलवा) में बनने वाले न्याय ग्राम का बटन दबाकर शिलान्यास किया। शिलान्यास पश्चात राष्ट्रपति ने राम नाथ कोविंद ने कहा कि अदालतो को मुअक्किलों को जागरूक करने के लिए स्थानीय भाषा में कोर्ट में सुनवाई करनी चाहिए। उनका यह भी कहना है की अदालतों में होने वाले फैसलों की कॉपी अगर स्थानीय भाषा में दी जाय तो इससे न्यायिक प्रक्रिया को समझने में भी मदद मिलेगी। राष्ट्रपति ने कहाकि लोकतंत्र की अहम कड़ी है न्याय पालिका। जिसकी चैखट में आम आदमी इन्साफ के लिए आता है। लेकिन कई बार अदालतों के चक्कर काटने के बाद उस न्यायिक कवायद को नहीं समझ पाता है। जिसे उसे समझना जरूरी है। इसके लिए अदालतों को स्थानीय भाषा में कोर्ट में सुनवाई करने की सलाह दी है। यह भी कहा कि हाईकोर्ट में लम्बित पडे मुकदमों को देखते हुये जजों की संख्या बढाई जाएगी।

President Ramnath Kovind

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी न्याय ग्राम की अहमियत को सामने रखा। जिससे न्यायिक प्रकिया को सरल बनाने में हो सकती है। इसके पहले योगी गवर्नर राम नाइक और राष्ट्रपति संगम किनारे कुम्भ की तैयारियों का जायजा लेने त्रिवेणी तट पर पहुंचे। जहाँ उन्होने त्रिवेणी की आरती करने के बाद लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन भी किये। योगी ने कुम्भ को दुनिया की अमूर्त विरासतों में शामिल करने पर यूनेस्को का आभार जाहिर किया।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थापना के करीब डेढ़ सौ साल हो चुके हैं। आज इलाहाबाद हाईकोर्ट को न्याय ग्राम के रूप में एक बड़ी सौगात मिल रही है। गौरतलब है की न्याय ग्राम की स्थापना इलाहाबाद के देवघाट में हो रही है। 395 करोड़ से अधिक की लागत से 35 एकड़ में बसाये जा रहे इस न्याय ग्राम में एक न्यायिक अकेडमी और एक ऑडोटोरियम की स्थापना की जाएगी। इस टाउनशिप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों और कर्मचारियों की आवास के साथ कई अन्य आवासी के साथ कई अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके अलावा इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्याय ग्राम में एक ज्यूडीशियल एकेडमी के साथ ही कई छोटे कांफ्रेन्स हाल भी बनाये जाएंगे। इसके अलावा पंद्रह सौ लोगों के बैठने की क्षमता का ऑडीटोरियम व लाइब्रेरी का भी निर्माण होगा। ज्यूडिशियल एकेडमी में प्रदेश के तीन हजार से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों के ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स संचालित करने के साथ ही उन्हें कानूनों में बदलावों और हाईकोर्ट के फैसलों की जानकारी भी प्रदान की जायेगी।

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अपने दो दिवसीय दौरे पर इलाहाबाद पहुंचे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दूसरे दिन शनिवार सुबह परिवार संग संगम दर्शन किए। देश में मंदिर दर्शन पर मचे सियासी घमासान के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने धर्म की नगरी इलाहाबाद में देव नदी गंगा की पूजा-अर्चना व आरती किया। साथ ही पौराणिक महत्व के लेटे हुए हनुमान मंदिर में माथा टेककर बजरंग बली का आशीर्वाद लिया। गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर बिताए गए आस्था के पलो के दौरान राष्ट्रपति कोविंद ने अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ ही दूसरे साधू-संतों से मुलाकात भी की। राष्ट्रपति कोविंद की पूजा अर्चना के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कई दूसरे लोग भी उनके साथ थे। राष्ट्रपति और सीएम योगी ने इस मौके पर संगम की रेती पर लगने वाले कुंभ मेले की स्थली को करीब से देखा। रामनाथ कोविंद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बाद दूसरे ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने संगम पर पूजा अर्चना की है। राष्ट्रपति कोविंद और सीएम योगी संगम क्षेत्र में तकरीबन पैंतालीस मिनट तक रहे। इस दौरान मिल रही आध्यात्मिक ऊर्जा उनके चेहरों पर साफ नजर आ रही थी।

देश के प्रथम नागरिक रामनाथ कोविंद सुबह सबसे पहले गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर पहुंचे और वहा मां गंगा की पूजा अर्चना व आरती की। राष्ट्रपति और सीएम योगी यहां करीब पच्चीस मिनट तक रूके। हालांकि उन्होंने संगम की धारा में डुबकी नहीं लगाई और पूजा अर्चना के बाद आचमन कर वापस चले गए। मां गंगा की आराधना के बाद राष्ट्रपति व सीएम योगी संगम क्षेत्र में ही स्थित पौराणिक महत्व के लेटे हुए हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां हनुमान जी के दर्शन कर उनकी पूजा अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
मंदिर में ही उन्होंने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि व दूसरे साधू संतों से मुलाकात की। साधू संतों ने राष्ट्रपति कोविंद को साल भर बाद यहां लगने जा रहे कुंभ मेले में आने का न्यौता दिया। राष्ट्रपति कोविंद ने कल ही इलाहाबाद में हुए एक समारोह में यहां के कुंभ मेले को यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल होने को पूरे देश के लिए गौरव का पल होने की बात कहीं थी। राष्ट्रपति के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री, गवर्नर राम नाइक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी भी मौजूद रहीं। इस दौरान पूरे संगम क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे।

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