सांप्रदायिक टिप्पणी के आरोप में विधायक गिरफ्तार, देशद्रोह का केस

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दिसपुर। कोरोना से जहां पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा है, वहीं कुछ लोग इस कठिन मौके पर भी अलगाव वादी नीति अपना रहे हैं। उन्होंने विरोध का झंडा बुलंद किया हुआ है । ऐसा ही एक मामला असम से आया है । असम में ऑल इंडिया डेमोक्रैटिक यूनाइटेड फ्रंट के विधायक अमीनुल इस्लाम को सांप्रदायिक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

विधायक पर देशद्रोह की धाराएं लगाई गई हैं।अमीनुल इस्लाम की सोशल मीडिया पर एक क्लिप वायरल हुई थी। इसमें इस्लाम यह कहते हुए दिखे थे कि कोरोना के लिए बने राज्य के क्वारंटाइन सेंटर्स की हालत डिटेंशन सेंटर से भी बुरी है और मुस्लिमों के खिलाफ साजिश रची जा रही है ।

असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भास्कर ज्योति महंत ने बताया कि एआईडीयूएफ के ढिंग निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अमीनुल इस्लाम को प्राथमिक जांच के बाद गिरफ्तार किया गया। विधायक की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।

इसमें वह कोविड-19 अस्पतालों और क्वारंटाइन सेंटर्स के बारे में सांप्रदायिक बातें कर रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि ये क्वारंटाइन सेंटर्स , डिटेंशन सेंटरों से भी बदतर हैं।

मुलसमानों के खिलाफ साजिश का आरोप
ऑडियो क्लिप में विधायक इस्लाम कह रहे हैं कि सरकार मुसलमानों के खिलाफ साजिश रच रही है और तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को आइसोलेशन में क्वारंटाइन सेंटर्स भेजा जा रहा है। क्लिप में इस्लाम ने कथित रूप से कहा सरकार क्वारंटीन सेंटर्स में किसी शख्स को मरवा सकती है और बाद में वह कहेगी कि कोरोना से मौत हुई थी।

डीजीपी महंत ने कहा, ‘हमने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि असम विधानसभा अध्यक्ष को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। इस्लाम 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

आरोपी विधायक ने कबूला, आवाज उनकी
नौगांव के पुलिस अधीक्षक गौरव अभिजीत दिलीप ने मीडिया को बताया, ‘पूछताछ के दौरान इस्लाम ने कुबूल किया कि क्लिप में सुनाई दे रही आवाज उन्हीं की है और उन्होंने स्वीकार किया कि क्लिप उन्होंने ही बनाई थी। क्लिप उनके मोबाइल फोन पर भी थी इसलिए हमने उनका फोन जब्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह क्लिप कुछ लोगों को फॉरवर्ड भी की है।

अधिकारियों ने बताया कि विधायक को नौगांव केन्द्रीय कारागार भेजा गया है। बदरुद्दीन अजमल की अगुवाई वाली पार्टी ने विधायक के इस बयान से खुद को अलग कर लिया है. पार्टी का कहना है कि ये विधायक के अपने विचार हैं।

इधर भाजपा विधायक रूपक शर्मा ने कहा कि विधायक पहले भी कई मौकों पर सांप्रदायिक बयान दे चुके हैं। इस वक्त हिंदू -मुसलमान जैसा कुछ नहीं है. हमारी लड़ाई सिर्फ कोविड-19 से है. हमें लोगों को बचाने की जरूरत है।

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