सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से लक्ज़री कार से लेकर ड्राई फ्रूट तक मंहगे हो सकते हैं

नई दिल्‍ली: लक्‍जरी कार, हाई एंड मोबाइल फोन, फर्नीचर, ड्राई फ्रूट महंगे हो सकते हैं. क्‍योंकि सरकार इस हफ्ते इन गैर जरूरी उत्‍पादों के आयात को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है. इसमें कस्‍टम ड्यूटी बढ़ाने से लेकर इनके आयात पर पाबंदी तक लग सकती है. सरकार यह कदम मौजूदा वित्‍तीय घाटे को कम करने के लिए उठाएगी.

डॉलर के मुकाबले रुपया बढ़ने से वित्‍तीय घाटा बढ़ने की आशंका है. वित्‍त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि महंगे मोबाइल फोन, रेफ्रिजरेटर, लक्‍जरी कार, फर्नीचर और एल्‍कोहल इस सूची में शामिल हो सकते हैं. सोने को इससे बाहर रखा जा सकता है, जिस पर 10% कस्‍टम ड्यूटी लगती है.

सरकारी समिति तैयार कर रही लिस्‍ट
कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्‍हा की अध्‍यक्षता वाली समिति इन गैर जरूरी उत्‍पादों की लिस्‍ट तैयार कर रही है. समिति क्षेत्रवार उत्‍पादों का ब्‍योरा तैयार कर रही है जिसे लो नीड-हाई फॉरेन आउटगो के नाम से परिभाषित किया गया है. बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक`जानकारों का मानना है कि सोने को इससे बाहर रखा जा सकता है, क्‍योंकि त्‍योहारी सीजन की शुरुआत होने वाली है और इस दौरान इसकी खपत बढ़ जाती है. अगर वह आयात शुल्‍क बढ़ाते हैं तो इससे उसकी तस्‍करी बढ़ने की आशंका रहेगी.

इम्‍पोर्टेड बाइक-कार पर से हटा था रोडब्‍लॉक
बीते हफ्ते खबर आई थी कि देश में इम्‍पोर्टेड कार या बाइक मंगाना आसान हो गया है. केंद्र सरकार ने इसके नियमों में ढील दी है. रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍ट्री ने विदेशी कार और बाइक के आयात के लिए रोडब्लॉक को हटाने की घोषणा की है. यह नीति बनने से ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चरर आसानी से विदेशी कार और बाइक भारत में बेच सकेंगे. हरेक मैन्युफेक्चर कार या बाइक की 2,500 यूनिट भारत मंगा पाएगा. वहीं भारी वाहन निर्माता कंपनियां 500 बस या ट्रक का ही आयात कर पाएंगे. इन सभी वाहनों में राइट हैंड स्‍टीरियरिंग कंट्रोल होना अनिवार्य है ताकि भारतीय ट्रैफिक नियमों का पालन हो सके.

कंपनियों को मिली थी विदेशी कारें बेचने की छूट
फॉरेन ट्रेड डयरेक्‍टर जनरल (DGFT) ने जो नियम तय किए हैं उनके मुताबिक 40 हजार डॉलर तक की कीमत के वाहन मंगाए जा सकते हैं जबकि 800 सीसी या उससे ऊपर की क्षमता की बाइक मंगाने की छूट होगी. इन वाहनों पर आयात और अन्‍य ड्यूटी लगेगी. वाहनों के रजिस्‍ट्रेशन के संबंध में मंत्रालय का कहना है कि यूरोप, जापान और अन्‍य कुछ देशों द्वारा तय अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप वाहनों की ही भारत में रजिस्‍ट्रेशन कराने की छूट होगी.

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