सरकार को आता नहीं नजर, घट रहे रोजगार! विपक्ष का दावा मंत्री ने किया खारिज

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नई दिल्ली। देश की युवा शक्ति पिछले काफी समय से नौकरियों की कमी होने से परेशान है। चाहे यूपीए सरकार हो या पिछली दो बार से एनडीए सरकार स्थितियां ज्यादा नहीं बदलीं। रोजगार के लिए देशभर में धरने-प्रदर्शन होते रहते हैं। इसके लिए विपक्षी दल भी लगातार मोदी सरकार को कोसते आ रहे हैं।

हालांकि सोमवार को लोकसभा में श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने नौकरियां कम होने के विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि इसका कोई कारण नजर नहीं आता है जिससे रोजगार घटने की बात स्पष्ट होती हो। गंगवार ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान गुमान सिंह दामोर, शशि थरूर और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि मोदी सरकार ने रोजगार सृजन के लिए कई कदम उठाए हैं और इनका सकारात्मक परिणाम भी दिख रहा है।

मुद्रा योजना के तहत ऋण के रूप में 21 करोड़ खातों में 10 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं। इन लाभार्थियों में 60 फीसदी महिलाएं हैं। कामगारों के हितों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और राज्यों में एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज भी पूरह तरह सही ढंग से काम करें, इसको लेकर भी कोशिश की जा रही है।

इससे पहले एक अन्य पूरक सवाल में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि देश में बेरोजगारी का आंकड़ा 45 वर्षों के सबसे उच्चतम स्तर पर है। इस पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि आज भारत स्टार्टअप के मामले में दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि नोटबंदी के कारण उनके लोकसभा क्षेत्र में हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं और सरकार इस संबंध में कोई कदम उठाएगी या नहीं।

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