शाहीन बाग़ और जामिया इलाकों में पुलिस तैनात, फिर शुरू हुई CAA विरोध-प्रदर्शन की तैयारी

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दिल्ली स्थित शाहीन बाग़ इलाके में एक बार फिर हलचल तेज होती नजर आ रही हैं। बुधवार (जून 04, 2020) सुबह से ही शाहीन बाग के साथ ही जामिया, बटला हाउस में भी भारी पुलिसबल तैनात किया गया है।

शाहीन बाग़ पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को प्राप्त सूचना के अनुसार, नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में लोग एक बार फिर दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करने जा रहे हैं, यह सूचना मिलते ही पुराने धरनास्थल पर भारी मात्रा में पुलिसबल तैनात कर दिया गया।

लॉकडाउन में मिली ढील का फायदा उठाना चाहते हैं प्रदर्शनकारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, देशव्यापी लॉकडाउन में ढील मिलते ही कुछ महिलाएँ इस इलाके में इकट्ठा भी हो गईं थीं। जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। इस मौके पर ज्वाइंट सीपी देवेश श्रीवास्तव भी मौजूद हैं। गुपचुप तरीके से धरना-प्रदर्शन शुरू करने की सूचना मिलते ही पहुँची पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है। मौके पर फिलहाल तकरीबन 100 पुलिसवालों ने मोर्चा संभाल लिया है।

किसी भी प्रकार की अनहोनी और भगदड़ की आशंका के चलते पुलिस ने शाहीन बाग के साथ ही जामिया और उसके आसपास भी भारी मात्र में सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर 7 और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के नीचे भी पुलिस तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि गत फरवरी माह में दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है, जिसमें शाहीन बाग़ का भी बहुत बड़ा योगदान बताया गया है। इसी को देखते हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पिछले वर्ष दिसम्बर माह से ही देशभर में नागरिकता कानून के बहाने तमाम भारत और हिन्दू विरोधी अभियान जगह-जगह पर आयोजित किए गए।

इसी शाहीन बाग़ के साजिशकर्ता शर्जील इमाम को भी राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि हिन्दू विरोधी दंगों के खिलाफ शुरू की गई न्यायिक कार्रवाई के विरोध में एक राष्ट्रव्यापी अभियान का आयोजन करने की तैयारी हो रही है।

‘सब याद रखा जाएगा’ के जरिए फिर से प्रदर्शन की तैयारी
गौरतलब है कि लॉकडाउन में मिली ढील का फायदा उठाते हुए नागरिकता कानून विरोधी दल अपने आंदोलन को फिर से खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। इसी के चलते 3 जून को दोपहर 12 बजे शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी एक बार फिर एकजुट होने का ऐलान कर रहे हैं।

‘सब याद रखा जाएगा’ के नाम से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में एक पोस्टर के जरिए पूरे देश में CAA के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी की जा रही है। सीएए के विरोधियो ने अपने लोगों से अपने-अपने कैंपस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

प्रदर्शनकारी सीएए का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों की रिहाई की भी माँग कर रहे हैं। नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शनकारी असम को देश से काट कर अलग कर देने की बात करने वाले शरजील इमाम और पिंजरा तोड़ आंदोलन की एक्टीविस्ट नताशा नरवाल की रिहाई की भी माँग कर रहे हैं, जिन्होंने दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान लोगों को भड़काया और इस पूरे दिल्ली दंगों की प्लानिंग की।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट देवांगना कलिता (30) और नताशा नरवाल (32) को इस साल फरवरी में नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शन में उनकी भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ताजा जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे लोग ‘सब याद रखा जाएगा’ और ‘स्क्रैप यूएपीए’ के नारे लगाने के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूएपीए जैसे कानूनों का उपयोग लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्य में निहित शक्तियों का स्पष्ट दुरुपयोग है।

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में दोबारा जारी किए जा रहे हैं, जब देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है और नागरिकता कानून से लेकर तमाम मुद्दों पर शाहीन बाग़ और देशभर में विरोधी दलों द्वारा उठाए गए तमाम मुद्दे ठन्डे-बस्ते में डाले जा चुके हैं।

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