नई दिल्ली। 15 वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के संपन्न होने के बाद विदेश मंत्रालय में यूरोप के सचिव विकास स्वरूप ने कहा कि शिखर सम्मेलन अभी संपन्न हुआ। यूरोपीय संघ के साथ हमारा संबंध बहुत सक्रिय है। इसमें लगभग सभी आयाम शामिल हैं। यूरोपीय संघ हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जो कि 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के व्यापार के साथ माल है। हमारे पास लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर का एक बड़ा सेवा व्यापार है।
उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मंत्रियों के स्तर पर एक उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित करने का फैसला किया गया। इसके जरिए व्यापार और निवेश समझौते के संदर्भ में व्यापार संबंधों के साथ-साथ व्यापार और निवेश समझौतों का मार्गदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक और क्षेत्रीय विकास की समीक्षा के हिस्से के रूप में चीन के साथ हमारे संबंध सामने आए। पीएम ने सामान्य तौर पर भारत-चीन संबंध और सीमावर्ती क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर हमारे विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौते (बीटीआईए) के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए दोनों मंत्रियों को आवश्यक बताया गया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद की साझा चुनौती पर काफी विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान किया। यह संदर्भ पाकिस्तान उन गतिविधियों को लेकर आया है जो भारत और अन्य देशों के साथ-साथ वैश्विक आतंकवाद के संदर्भ में जारी है।
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