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उन्नाव।
राष्ट्रीय स्तर के इस विद्यालय में नवाचारी गतिविधियां बरबस ही किसी का भी ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लेती हैं ।
कोई भी दिवस हो ,प्रधान शिक्षिका स्नेहिल पांडे उसे प्लेवे मेथड और एक्टिविटी के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं ।
स्नेहिल पांडेय का कहना है कि बच्चों को जितना आप पढ़ा कर और रटाकर किसी कांसेप्ट को नहीं बता सकते ,जितना कि आप गतिविधियों,नाटकों या स्लोगन, पोस्टर, बैनर एवं उस दिवस को मना कर बता सकते हैं।
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इसी क्रम में विश्व जल दिवस के अवसर पर बच्चों को जलसंचयन की छोटी सी वर्कशॉप कराई गई, जिसमें कक्षा 1 और 5 से लगभग 40 बच्चों ने प्रतिभाग किया ।
सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से बच्चों से दूर दूर बच्चों को बिठाया गया था तथा ये गतिविधि बच्चों को जल की उपयोगिता, कैसे जल का दुरुपयोग ना करें तथा कैसे कम पानी में कार्य करें और दैनिक जीवन में हम जल को किस प्रकार से बचाएं आदि पर बातचीत की गई।
शिक्षकों ने बताया कि जल्दी ही जल खत्म हो रहा है और हमारी आगे आने वाली पीढ़ियों को किसी संकट का सामना ना करना पड़ सके नहीं तो एक जंग पानी के लिए भी हो सकती है ।अजीत ,सिमरन, चांदनी ,करण,अनामिका, संध्या, पूजा आदि बच्चों ने जल के महत्व पर निबंध लिखे।
सकारात्मकता का संचार करते कार्यक्रम छात्रों के आत्मविश्वास और बुद्धि मत्ता को बढ़ाने का काम करते हैं।
विश्व जल दिवस पर कविताओं का वाचन भी किया गया।
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