लोढ़ा समिति की रिपोर्ट ने देश के क्रिकेट को बर्बाद किया
एनसीपी प्रमुख और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार ने गुरुवार को आरोप लगाया कि लोढ़ा समिति की रिपोर्ट ने क्रिकेट को ‘निश्चित तौर पर बर्बाद’ किया. न्यायमूर्ति लोढ़ा पैनल ने बीसीसीआई में आमूलचूल बदलावों की सिफारिश की थी जिन्हें उच्चतम न्यायालय ने मंजूरी दी थी.
पवार से जब पैनल की सिफारिशों के बारे में पूछा गया, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि रिपोर्ट ने निश्चित तौर पर क्रिकेट को बर्बाद किया. पवार अंतरराट्रीय क्रिकेट परिषद के भी अध्यक्ष रह चुके हैं.
लोढ़ा समिति की जिन विवादास्पद सिफारिशों से उन्हें आपत्ति है उनमें एक राज्य एक वोट, राष्ट्रीय चयनसमिति में सदस्य संख्या की सीमा, बोर्ड परिषद में सदस्य संख्या की सीमा, अधिकारियों की आयु और कार्यकाल को सीमित करना और अधिकारियों की ताकत और कार्यों को विभाजित करना शामिल है.
लोढ़ा समिति की सिफारिशों के मुताबिक 70 साल से अधिक आयु के अधिकारी बीसीसीआई या किसी राज्य संघ में पद नहीं संभाल सकते. साथ ही समिति ने दो कार्यकाल के बीच तीन साल के अंतराल की बात भी कही है.यह भी पढ़ें-
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