[object Promise]
बांगरमऊ/ उन्नाव क्षेत्र के ग्राम चौगवा में लाखों रुपए से निर्मित आश्रय गृह लेनदेन के चक्कर में धराशाई हो गया। जिससे मवेशी इधर उधर किसानों की फसलों में खाते हुए नजर आते हैं जबकि आश्रय गृह इसलिए बनाया गया था की मवेशी इसमें बंद किए जाएं और उनकी देखरेख रखी जाए। ताकि किसानों की फसलें बर्बाद होने से बचें मगर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से लेनदेन के चक्कर में यह आश्रय गृह धराशाई हो गया ।
[object Promise]
[object Promise]
क्षेत्र के ग्राम पंचायत चौगवा में प्रधान और पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से लाखों रुपए से निर्मित आश्रय गए धराशाई हो गया जबकि मवेशियों के लिए ठहरने के लिए बना था ताकि इधर-उधर मवेशी किसानों की फसलों को बर्बाद ना करें। जिससे यह बनवाया गया था यह आश्रय गृह लाखों रुपए से निर्मित किया गया था। फिर भी यह कुछ दिन का ही मेहमान रहा मवेशी लगातार किसानों की आस पास फसल बर्बाद कर रहे हैं। धराशाई आश्रय गृह शो पीस बना हुआ है ।इन कर्मचारियों व अधिकारियों ने शासन की मंशा को चूर-चूर करते लाखों रुपए का बंदरबांट कर लिया और नाम मात्र ही आश्रय गृह पर रुपए लगाया ताकि कुछ दिन का ही मेहमान रखें।
Leave a Reply