लखनऊ. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तर प्रदेश के 216.67 लाख किसानों को शीघ्र ही 2000 रुपये की आठवीं किश्त मिलेगी. प्रदेश सरकार संबंधित किसानों का डाटा लॉक कर इसे भुगतान की संस्तुित के लिए केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है. मालूम हो कि केंद्र सरकार इस योजना के तहत हर पात्र किसान को दो-दो हजार रुपए की बराबर किश्तों में साल भर में 6000 रुपये देती है. यह पैसा ऐसे समय दिया जाता है जब रबी, खरीफ और जायद की फसलों में कृषि निवेश के लिए किसानों को इसकी बेहद जरूरत होती है. योजना की घोषणा वर्ष 2019 में हुई थी.
दिसंबर 2019 से यह लागू है. किसानों के हित की इस बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर हर साल केंद्र सरकार को 75000 करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं. उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है. यहां के अधिकांश लोगों की रोजी-रोटी का जरिया है. स्वाभाविक रूप से किसानों की संख्या भी सर्वाधिक है. लिहाजा इस योजना का सर्वाधिक लाभ भी उप्र को मिला है. अब तक प्रदेश के 23523000 किसानों को दो-दो हजार की सात किश्तें मिल चुकी हैं.
केंद्र सरकार किसानों के अकाउंट में भेजती है पैसा
पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत पैसे तभी दिए जाते हैं जब राज्य सरकार आवेदन करने वाले किसान के रेवेन्यू रिकॉर्ड, आधार नंबर और बैंक अकाउंट नंबर को सही पाकर उसे वेरीफाई कर दे. कृषि स्टेट सबजेक्ट होने की वजह से लाभ तब तक नहीं मिलता है जब तक राज्य सरकार उस रिकॉर्ड को वेरीफाई नहीं कर दें. राज्य सरकार के वेरीफाई करने के बाद FTO जेनरेट होता है और केंद्र सरकार पैसा अकाउंट में डाल देती है.
ऐसे चेक करें अकाउंट
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