रक्तदान : महादान की पिच पर पुलिसकर्मियों ने लगाया तिहरा शतक, तीन फरवरी 2019 को शुरू हुआ था ब्लड डोनर पेज

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कानपुर, सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा। जनपद के तमाम पुलिसकर्मी इसी स्लोगन का अनुसरण कर दिन-रात दूसरों की सेवा के लिए तत्पर हैं। विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे लोगों की जान बचाने के लिए वह खून का हर कतरा तक देने के लिए तैयार हैं। पौने दो वर्ष में ही पुलिस लाइन में बने ब्लड डोनर ग्रुप के जवानों ने रक्तदान, प्लाज्मा या प्लेटलेट्स डोनेट करके 300 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है।

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शुरुआत में 10 पुलिसकर्मी सागर नरेंद्र पाल विवेक अवधेश पटेल पवन प्रवीण कुमार वंदना राजपूत विनय नीरज कुमार और दीपक इस समूह से जुड़े। धीरे-धीरे जवानों की संख्या बढ़ती गई और आज 50 से ज्यादा जवान नियमित रूप से जरूरतमंदों के लिए रक्तदान कर रहे हैं।

वर्ष 2018 में एसपी पूर्वी के पद पर तैनात रहे आइपीएस अधिकारी सुरेंद्र दास की जान बचाने के लिए उनके बैचमेट्स के साथ ही पुलिस लाइन के जवानों ने भी रक्तदान किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश सुरेंद्र की जान नहीं बच सकी। उस वक्त सिपाहियों के खून देने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, वह आज भी बदस्तूर जारी है। दिवंगत सुरेंद्र दास की तरह किसी और जवान या उसके परिवार को कभी खून की कमी न पड़े, इसी उद्देश्य से पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सागर पोरवाल ने तीन फरवरी 2019 को कानपुर पुलिस ब्लड डोनर फेसबुक पेज की शुरुआत की थी।

शुरुआत में 10 पुलिसकर्मी सागर, नरेंद्र पाल, विवेक, अवधेश पटेल, पवन, प्रवीण कुमार, वंदना राजपूत, विनय, नीरज कुमार और दीपक इस समूह से जुड़े। धीरे-धीरे जवानों की संख्या बढ़ती गई और आज 50 से ज्यादा जवान नियमित रूप से जरूरतमंदों के लिए रक्तदान कर रहे हैं। यही नहीं जनता के 1170 लोग इस फेसबुक पेज से जुड़े हैं और उनकी कॉल पर पुलिसकर्मी रक्तदान करने पहुंचते हैं। कांस्टेबिल सागर पोरवाल ने बताया कि रक्तदान के लिए सक्रिय पुलिसकर्मियों में शहर ही नहीं, अयोध्या, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, उन्नाव व एटीएस के भी पुलिसकर्मी शामिल हैं। ऑन कॉल वह संबंधित जिले में मरीज के लिए रक्तदान करते हैं। सागर खुद 14 बार रक्तदान कर चुके हैं। कुछ महिला सिपाही भी दो से तीन बार रक्तदान कर चुकी हैं।

रक्तदान करने में भी पीछे नहीं महिलाएं

कई महिला सिपाही भी इस ग्रुप से जुड़ी हैं। इसमें सिपाही वंदना राजपूत, मीना यादव, किरन पाल, स्वर्ण लता, सपना, रूबीना खान, गोरखपुर की कुलदीप कौर शामिल हैं। इसके अलावा इंस्पेक्टर सतीशचंद्र साहू, दारोगा रवि पांडेय, रवींद्र कुमार, राजेश पांडेय, सिपाही अखंड प्रताप, बृजेश कुमार, विनय कुमार, आदित्य वर्मा, आदित्य कुमार, नीरज कुमार, अनेक सिंह, आशीष, अनंत सिंह, हरिओम यादव, अभिलाष पचौरी, भगवान सिंह, रोबिन सिंह, विवेक यादव, कृष्ण कुमार, शैलेंद्र यादव, राजीव यादव, शिव शंकर, रोहित पटेल, गौरव यादव, पवन कुमार, प्रवीण कुमार, संतोष कुमार, वीरेंद्र पाल और अयोध्या से दारोगा रणजीत कुमार, एटीएस से सिपाही कुलदीप किशोर, प्रयागराज से आशीष शुक्ला, आगरा से सुंदर सिंह, अखिलेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, मोहित यादव, लखनऊ में चंद्रकिशोर, जीतेंद्र कुमार, अरविंद व उन्नाव में ऋषि पाल शामिल हैं।

दो बार प्लाज्मा दे चुके फीलखाना इंस्पेक्टर

कुछ माह पूर्व फीलखाना इंस्पेक्टर सतीशचंद्र साहू भी कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए थे। ठीक होने के बाद उन्होंने कोरोना संक्रमितों की जान बचाने के लिए दो बार प्लाज्मा डोनेट किया। इसी तरह बिठूर थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप, महिला सिपाही उमा, कवींद्र गुर्जर, मुकेश, पुष्पेंद्र ने प्लाज्मा दान किया।

इनका ये है कहना

पुलिस लाइन के जवानों की ओर से बनाए गए ब्लड डोनर ग्रुप की बदौलत आज महकमा ही नहीं, जनता के बीच जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध हो रहा है। हमारे जवान कोरोना संक्रमितों की भी लगातार सेवा कर रहे हैं। जो जवान पॉजिटिव हुए थे, उनमें से कई ने दूसरों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा दिया।

   – डॉ. अनिल कुमार, एसपी पश्चिम

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