लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह के साथ पिछले दिनों हुई मुलाकात में अपनी टीम की कमजोर कडिय़ों से अवगत करा दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि योगी सरकार से कुछ मंत्रियों की छुट्टी होने वाली है और कुछ के दायित्व भार में कमी लाई जा सकती है। इसके विपरीत कुछ अन्य मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी देने के बारे में भी मंथन किया जा रहा है। सरकार के कैबिनेट मंत्रियों मुकुट बिहारी वर्मा का नाम पहले भी नकारात्मक कारणों से चर्चा में रहा है।बताया जाता है कि मुख्यमंत्री उनके काम से संतुष्ट नहीं हैं। प्रदेश की योगी सरकार में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। सरकार के कुछ मंत्रियों के पर कतरने की तैयारी है तो संगठन में काम कर रहे कुछ लोगों को मंत्री का दायित्व सौंपकर सरकार में शामिल किया जाएगा।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह के साथ शनिवार की शाम एक अहम बैठक में कम से कम दो कैबिनेट मंत्री समेत छह मंत्रियों को सरकार में शामिल करने को लेकर विचार – विमर्श हुआ है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के लिए विधान परिषद चुनाव परिणामों का इंतजार किया जा रहा था। विधानसभा उपचुनाव और विधानपरिषद चुनाव के बाद अब सदन में भाजपा की ताकत बढ़ चुकी है।
ऐसे में नए मंत्रियों को सरकार में शामिल करना बेहद जरूरी हो गया है। शनिवार की दोपहर बाद भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, संगठन महामंत्री सुनील बंसल की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई जिसमें उन लोगों के बारे में विचार किया गया जिन्हें संगठन के दायित्व से मुक्त कर सरकार में शामिल किया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक की राजनीतिक पकड़ और सक्रियता को देखते हुए उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है।
कोरोना की चपेट में आने से सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों चेतन चौहान व कमल रानी वरुण का निधन हो चुका है। दोनों कैबिनेट के पद भी भरे जाने हैं।संगठन से विद्यासागर सोनकर और विजय बहादुर पाठक में से किसी एक को सरकार में भेजा जा सकता है। पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान भी चुनाव जीतकर आई हैं।
दूसरी ओर बुलंदशहर सीट से भाजपा विधायक वीरेंद्र सिरोही की पत्नी उषा सिरोही चुनाव जीती हैं। इन दोनों में से भी किसी एक को सरकार में लाया जा सकता है। योगी मंत्रिपरिषद में इस समय कुल 54 मंत्री हैं जिनमें 23 कैबिनेट मंत्री हैं। नौ मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। जबकि 22 राज्य मंत्री हैं। योगी सरकार ने अपना पिछला मंत्रिमंडल विस्तार 19 अगस्त 2019 में किया था। माना जा रहा है कि योगी सरकार का यह अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार होगा।
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