‘मोदी सरकार के अच्छे कामों से मूडीज की रेटिंग सुधरी’

‘मोदी सरकार के अच्छे कामों से मूडीज की रेटिंग सुधरी’

 

 

सरकार के सुर में सुर मिलाते हुए भारतीय कॉरपोरेट जगत ने शुक्रवार को कहा कि मूडीज की संप्रभु राष्ट्रों को दी जाने वाली रेटिंग में भारत की रेटिंग में सुधार सरकार द्वारा पिछले 3-4 सालों में किए गए सुधारों का नतीजा है. फिक्की के अध्यक्ष पंकज आर. पटेल ने कहा, ‘मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग में किया गया सुधार सरकार द्वारा पिछले तीन-चार सालों में किए गए विभिन्न सुधारों का नतीजा है और हम इसका स्वागत करते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मूडीज द्वारा किए गए रेटिंग अपग्रेड के साथ ही हाल में भारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भी सुधार किया है, जो बताता है कि हम सही दिशा में जा रहे हैं. भारत की विकास की कहानी पहले से कहीं अधिक आशाजनक है और हम वैश्विक निवेश समुदाय के आत्मविश्वास के स्तर में और सुधार देख रहे हैं. इस कदम से न सिर्फ देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बेहतर दरों पर विदेशों से पैसे उधार लेने की हमारी संभावनाएं भी बढ़ेंगी.’

अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने शुक्रवार को निवेश को लेकर भारत की रेटिंग अपने सबसे निचले स्तर के बीएए से बढ़ाकर बीएए2 कर दी, जबकि देश को लेकर अनुमान को सकारात्मक से बढ़ाकर स्थिर कर दिया है और कहा कि यह भारत सरकार के आर्थिक और संस्थागत सुधारों के लिए चलाए जा रहे व्यापक कार्यक्रम का नतीजा है.

एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, ‘मूडीज इनवेस्टर सर्विस द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाने से भारतीय कॉरपोरेट जगत की प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर वैश्विक वित्तीय बाजारों का लाभ उठाने की क्षमता में वृद्धि होगी.’भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा, ‘रेटिंग में यह सुधार सरकार द्वारा हाल के सालों में किए गए साहसपूर्ण संरचनात्मक सुधारों के असर का परिणाम है. यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि अर्थव्यवस्था सही दिशा में है और एक बड़ी छलांग के लिए तैयार है और यह एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की विशाल क्षमता पर प्रकाश डालता है. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह आनेवाले दिनों में सुधार के रास्ते पर चलने पर प्रोत्साहित करता है.”

एचपी इंक के प्रबंध निदेशक समीर चंद्रा ने कहा, ‘हमारा मानना है कि मूडीज के रेटिंग अपग्रेड से भारत को बहुत बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह स्थानीय और वैश्विक निवेशकों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर उनकी भावनाओं में सुधार करेगा. इससे उत्पादकता बढ़ाने और सतत विकास को बढ़ाने के सरकार के उद्देश्य में भी वृद्धि होगी. क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार भारतीय कंपनियों और सरकार के लिए बहुत सकारात्मक है.’

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