मुख्यमंत्री के कॉल की वायरल रिकॉर्डिंग मामले में नोटिस वापस लेने की मांग उठी

मुख्यमंत्री के कॉल की वायरल रिकॉर्डिंग मामले में नोटिस वापस लेने की मांग उठी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से टेलीफोनिक बातचीत की काल रिकार्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में व्यापारी राकेश जैन के खिलाफ जारी नोटिस पर व्यापारियों ने नाराजगी जाहिर की है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय वरिष्ठ संगठन मंत्री अजीत सिंह बग्गा ने यह मांग की है कि ऑडियो वायरल मामले में जिला प्रशासन ने जो नोटिस जारी किया है कि उसे वापस लिया जाए। दूसरी ओर सीएम के साथ वार्ता का आडियो वायरल होने के बाद से ही जिले के सियासी गलियारे में हलचल शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा कि बीएचयू के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक सहित पूरे अस्पताल में कुप्रबंधन का आलम है। अस्पताल की छत से कूदकर एक मरीज ने जान दे दी और दूसरा लापता पॉजिटिव मरीज का दो दिन बाद शव मिला। बावजूद इसके सरकार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अगर प्रशासन को नोटिस देना ही है तो इन लापरवाह अधिकारियों को दें। आज प्राइवेट अस्पताल वालों ने कोरोना के नाम पर खुली लूट मचा रखी है। निगेटिव रिपोर्ट को भी पॉजिटिव बता कर लाखों रुपये का बिल बनाया जा रहा हैं और प्रशासन मौन बैठा है।

व्यापारी राकेश जैन ने इन्हीं समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें को गंभीरता से सुनते हुए समस्या के निराकरण का भरोसा दिलाया। बावजूद इसके नोटिस जारी करना उचित नहीं है। प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश ने कहा कि प्रशासन को यह भी ध्यान देना चाहिए कि व्यापारी वर्ग और आम नागरिक परेशान हैं। आइटी सेल अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की काल रिकार्ड करने एवं वायरल करने के मामले में व्यापारी को नोटिस जारी करना उचित नहीं है। कहा कि बंद करने में अगर पांच मिनट की भी देरी हो तो दुकानों का चालान हो जाता है।

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