मिल गया लैंडर विक्रम, जिंदा हो चुकी हैं उम्मीदें , जरूर पूरा होगा चांद को छूने का सपना !

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ई दिल्ली, एजेंसी। ऑर्बिटर (Orbitor) द्वारा खिंची गई थर्मल इमेज (Thermal Image) के जरिए इसरो (ISRO) ने चांद की सतह पर मौजूद लैंडर विक्रम (Lander Vikram) की लोकेशन का पता लगा लिया है।  हालांकि इससे अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। इसरो के वैज्ञानिक लगातार लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसके लिए आने वाले 12 दिन काफी अहम साबित होने वाले हैं।

इसरो के चीफ के सिवन ने बताया कि चांद की सतह पर विक्रम लैंडर की लोकेशन मिल गई है और ऑर्बिटर ने लैंडर की एक थर्मल इमेज क्लिक की है, लेकिन अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही इससे संपर्क कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑर्बिटर से जो थर्मल तस्वीरें मिली हैं, उनसे चांद की सतह पर विक्रम लैंडर के बारे में पता चला है।

अब जब हमारे वैज्ञानिकों ने चंद्रयान का लैंडर विक्रम का पता लगा लिया है तो पूरे देश की उम्मीदें एक बार फिर से जग गई हैं। लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। उन्हें इसरो के वैज्ञानिकों पर भरोसा है कि अगले 12 दिनों के भीतर जरूर कोई चमत्कार होगा और देश का चांद को छूने का सपना जरूर पूरा होगा।

एक अधिकारी ने समचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, चंद्रमा की सतह पर लैंडर ने हिट किया और यह वहां उल्टी स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा भी संभव हो सकता है कि लैंडर टूट गया हो। इस साल 22 जुलाई को 978 करोड़ की लागत वाले चंद्रयान 2 को अंतरिक्ष में भारत के हेवी-लिफ्ट रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल- मार्क 3 (जीएसएलवी एमके 3) के जरिए लॉन्च किया गया था। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने की कोशिश करते समय 7 सितंबर को चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया था।

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