महोबा पुलिस को ढूंढे नहीं मिल रहे निलंबित एसपी , क्रशर कारोबारी की मौत पर अब हत्या का मुकदमा

महोबा भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार पर अब क्रशर कारोबारी की हत्या का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है लेकिन पुलिस को बयान के लिए निलंबित एसपी ढूंढे नहीं मिल रहे। अब उनके बयान लेने के लिए नोटिस भेजी गई है। उनके खिलाफ लखनऊ की फर्म भ्रष्टाचार और क्रशर कारोबारी के स्वजन भी मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। गोली लगने से घायल क्रशर कारोबारी की अस्पताल में मौत के बाद सोमवार को कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कराया गया। वहीं इस मामले में देर शाम एडीजी ने प्रेस वार्ता करके अबतक की हुई कार्रवाई से अवगत कराया ।

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क्रशर कारोबारी प्रकरण में गिरफ्तारी के सवाल पर एडीजी ने प्रेस वार्ता में कहा पहले सबके बयान दर्ज हो जाएं फिर कार्रवाई की जाएगी।

प्रकरण से जुड़े लोगों से पूछताछ में सामने आए अहम सुराग

सोमवार देर शाम प्रेस वार्ता में एडीजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि क्रशर कारोबारी प्रकरण में जिनपर भी मुकदमा दर्ज हैं, उन्हें नोटिस भेजी जा रही हैं। कुछ लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। सर्विलांस और सीसी टीवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार से संपर्क नहीं हो पाने से अभी बयान दर्ज नहीं हो सके हैं, उन्हें नोटिस भेजी जा चुकी है।

उन्होंने कहा, मामले की जांच तेजी के साथ चल रही है। मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य निकलकर आए हैं। सभी के बयानों की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के सवाल पर एडीजी ने कहा कि पहले बयान दर्ज हो जाएं, इसमें सीओ सिटी विवेचक हैं। प्रकरण में यदि कोई कुछ कहना या बयान देना चाहता हो तो उन्हें बता सकता है।

निलंबित एसपी पर अबतक दर्ज मुकदमे

वीडियो वायरल करने के बाद क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के घायल मिलने की घटना का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के मामले में महोबा एसपी रहे मणिलाल पाटीदार को निलंबित कर दिया था। दूसरे दिन ही लखनऊ की पीपी पांडेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि के डायरेक्टर नितीश पांडेय की तहरीर पर सदर कोतवाली में निलंबित एसपी समेत इंस्पेक्टर राकेश कुमार सरोज व उपनिरीक्षक राजू सिंह पर धारा 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व धारा 384 आइपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

दूसरा मुकदमा दिवंगत क्रशर कारोबारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने कबरई थाने में दर्ज कराया था। इसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन एसओ कबरई देवेंद्र शुक्ला, सहयोगी व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त सहित कुछ अज्ञात पुलिस कर्मियों पर धारा हत्या के प्रयास, साजिश रचने, उगाही आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। क्रशर कारोबारी की माैत के बाद मुकदमे को हत्या की धारा में बदला गया है।

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