नई दिल्ली, कोरोनावायरस का प्रसार रोकने के लिए वैज्ञानिक अलग-अलग रिसर्च कर रहे हैं, ताकि इस बीमारी पर काबू पाया जा सकें। अब एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि आप अगर संकरी जगह पर ग्रुप में तेजी से चलते हैं तो कोविड-19 का प्रसार तेजी से होता है, खासकर बच्चों में इसके फैलने का खतरा अधिक तेजी से रहता है। अध्ययन के मुताबिक जब संक्रमित इंसान सांस लेता है तो उसके मुंह से छोड़े गए ड्रॉप्लेट में मौजूद वायरस से कॉरिडोर में मौजूद लोगों में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
‘फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स’ नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कंप्यूटर ‘सिमुलेशन’ के नतीजे दिए गए हैं जिसमें यह बताया गया है कि किसी स्थान का आकार यानि संकरी और खुली जगह किस प्रकार हवा में मौजूद संक्रमण को फैलने में मदद कर सकती है। बीजिंग स्थित चीनी विज्ञान अकादमी के वैज्ञानिकों का कहना है कि उनके द्वारा किए गए सिमुलेशन में बड़ी और खुली जगहों पर शोध किया गया। जबकि पहले के अध्ययनों में वस्तुओं के प्रभाव को उजागर किया गया था, जैसे शीशे, खिड़कियां और एसी से हवा के बहाव पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया था।
अध्ययन के अनुसार यदि संकरी जगह में चल रहा कोई व्यक्ति खांसता है तो उसके श्वास से निकली बूंदें उसके शरीर के पीछे वैसी ही रेखाएं बनाती हैं जैसे पानी में नाव चलने पर बनती हैं। अध्ययन के मुताबिक संक्रमित इंसान की बॉडी के पीछे एक “री-सर्कुलेशन बबल” मौजूद रहता है और लगभग कमर की ऊंचाई पर उसके पीछे एक लंबी वेकेशन देखी जा सकती है। अध्ययन के अनुसार मुंह से निकली बूंदें घनी होकर हवा में बादल जैसा स्वरूप बना लेती हैं और व्यक्ति के शरीर से काफी दूर तक जाती हैं।
अनुसंधानकर्ता शिआओली यांग ने कहा कि इससे संकरे मार्गों पर पीछे और आगे चल रहे लोगों विशेषकर बच्चों को संक्रमण का खतरा पैदा हो जाता है।
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